लोग ऐसी संभावना जता रहे हैं कि कोरोना वायरस के चलते इस बार अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों को टाला जा सकता है। हालांकि व्हाइट हाउस में ट्रंप ने की एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि वे 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में देरी नहीं चाहते हैं। जबकि इससे पहले उन्होंने डाक से वोट के जरिए धोखाधड़ी और गलत परिणाम आने की आशंका के चलते चुनाव स्थगित करने का सुझाव दिया था।
ट्रंप ने ट्वीट कर कहा था कि वैश्विक पोस्टल वोटिंग से 2020 का चुनाव इतिहास का सबसे ज्यादा गलत और धोखाधड़ी वाला होगा। यह अमेरिका के लिए बहुत शर्मनाक होगा। ट्रंप ने लोगों के सुरक्षित और उचित तरीके से मतदान करने में सक्षम हो जाने के बाद चुनाव आयोजित कराने का सुझाव दिया था। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि देरी से चुनाव होंगे भी या परिणाम आने में दरी होती है तब भी इसका मतलब यह नहीं है कि चुनावों में धोखाधड़ी होगी, जैसा की डोनाल्ड ट्रंप कह रहे हैं।
वहीं ट्रप के प्रतिद्वंद्वी डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बाइडेन ने पहले ही अंदेशा जताया था कि ट्रंप चुनाव में देरी करवाने की कोशिश कर सकते हैं। बाइडेन ने कहा कि मेरे शब्दों को लिख लीजिए, मुझे लगता है कि डोनाल्ड ट्रंप किसी तरह से चुनाव में देरी करवाने की कोशिश करने जा रहे हैं। कुछ ऐसे तर्क दीजिए कि इसे क्यों नहीं करवाया जा सकता।
मालूम हो कि अमेरिका में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। जिसके बाद वहां लोग चिंतित हैं। और उम्मीद लगा रहे हैं कि इसी साल होने वाले अमेरिकी चुनाव टाले जा सकते हैं। इसके चलते अमेरिका के राज्य कोरोना वायरस महामारी के कारण जन स्वास्थ्य को देखते हुए पोस्टल वोटिंग को आसान बनाना चाहते हैं। इस महीने की शुरुआत में छह राज्य कैलिफोर्निया, उटा, हवाई, कोलोराडो, ओरेगॉन और वाशिंगटन डाक से चुनाव कराने की योजना बना रहे हैं। ये राज्य सभी पंजीकृत मतदाताओं को पोस्टल बैलट भेजेंगे, जिसे चुनाव के दिन वापस भेजना होगा।
इससे पहले खुद ट्रंप तीन नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को कोरोना वायरस संकट के कारण टाले जाने की किसी भी संभावना से इनकार कर चुके हैं। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा था कि मैंने चुनाव की तारीख टालने के बारे में कभी नहीं सोचा। मैं ऐसा क्यों करूंगा? तीन नवंबर अच्छी तारीख है।