अमेरिका में विदेशी संबंध परिषद के अध्यक्ष रिचर्ड हास ने कहा, यह सच है कि भारत में संरक्षणवादी व्यापार नीतियों की परंपरा रही है और अक्सर रणनीतिक मामलों उसका पूरी तरह मदद न करना अमेरिकी नीति निर्माताओं को हताश करता है। लेकिन लोकतांत्रिक भारत जल्द ही चीन को पछाड़कर दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश बन जाएगा। वह दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की ओर भी अग्रसर है, ऐसे में उस पर दांव लगाना अमेरिका को एक दीर्घकालिक लाभ देगा।
अमेरिकी विदेश नीति मामलों के शीर्ष विशेषज्ञ ने कहा कि अमेरिका को चीन से मुकाबला करना है और चीन से सामना करने में मदद के तौर पर भारत एक स्वाभाविक साझेदार है। भारत ने चीन की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) में भागीदारी करने का खुलकर विरोध किया है, जबकि आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान ने उसे गले लगा लिया है। ऐसे में भारत एक बेहतर साझेदार साबित होगा।’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता के लिए तालिबान के साथ शांति समझौते पर बातचीत में प्रगति की सराहना की और कहा कि तालिबान और अफगान सरकार दोनों के साथ वार्ता अच्छी चल रही है।
अमेरिका को तालिबान के साथ शांति समझौते की उम्मीद है, जिसके बाद वह अपने सैनिकों को अफगानिस्तान से वापस बुलाना शुरू कर देगा। अमेरिका, अफगानिस्तान में अपना दखल बंद करना चाहता है, जहां वह अभी तक एक खरब डॉलर खर्च कर चुका है।