अमेरिका के फ्लोरिडा में लगभग पांच दशक पुराने जघन्य अपराध के मामले में दोषी करार दिए गए जेम्स अर्नेस्ट हिचकॉक को आज शाम मौत की सजा दी जाएगी। 70 वर्षीय हिचकॉक को 13 वर्षीय सौतेली भतीजी के साथ दुष्कर्म और हत्या का दोषी पाया गया था।
कोर्ट रिकॉर्ड के अनुसार, 31 जुलाई 1976 को हिचकॉक अपने भाई के घर में रह रहा था। घटना वाले दिन वह दोस्तों के साथ कई घंटों तक शराब पीने और मारिजुआना का सेवन करने के बाद घर लौटा।
ट्रायल के दौरान हिचकॉक ने अपना बयान बदलते हुए कहा कि हत्या उसने नहीं बल्कि उसके भाई ने की थी। उसने दावा किया कि लड़की के साथ सहमति से संबंध बनाने के बाद उसका भाई कमरे में आया, उसे बाहर ले गया और गुस्से में उसकी पिटाई व गला घोंटकर हत्या कर दी। हिचकॉक ने कहा कि उसने अपने भाई को बचाने के लिए पहले अपराध अपने ऊपर लिया था।
हिचकॉक को 1977 में पहली बार मौत की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद अपीलों और कानूनी प्रक्रियाओं के चलते उसे 1988, 1993 और 1996 में दोबारा मौत की सजा सुनाई गई। हाल ही में फ्लोरिडा सुप्रीम कोर्ट ने उसकी मौत की सजा रोकने की अपील खारिज कर दी।
यह इस साल फ्लोरिडा में छठा मृत्युदंड होगा। राज्य के गवर्नर रॉन डेसेंटिस के कार्यकाल में 2025 में रिकॉर्ड 19 लोगों को मृत्युदंड दिया गया था, जो 1976 में मृत्युदंड बहाल होने के बाद किसी भी साल में सबसे ज्यादा है। 2014 में आठ मृत्युदंड का पिछला रिकॉर्ड था, जिसे 2025 में पीछे छोड़ दिया गया।
फ्लोरिडा में 21 मई को एक और मृत्युदंड प्रस्तावित है। 47 वर्षीय रिचर्ड नाइट को अपनी कजिन की गर्लफ्रेंड और उसकी चार साल की बेटी की हत्या के मामले में मृत्युदंड दिया जाना है।
साल 2025 में पूरे अमेरिका में कुल 47 लोगों को मृत्युदंड दी गई। फ्लोरिडा इस मामले में सबसे आगे रहा, जबकि अलबामा, साउथ कैरोलाइना और टेक्सास दूसरे स्थान पर रहे, जहां पांच-पांच मृत्युदंड दिया गया।
फ्लोरिडा में सभी मृत्युदंड लीथल इंजेक्शन के जरिए दी जाती हैं। इसमें तीन दवाओं का इस्तेमाल होता है,