पनामा के पूर्व राष्ट्रपति मार्टिनेली को मनी लॉड्रिंग के मामले में 10 साल की सजा सुनाई गई थी। उन पर 19 मिलियन अमेरिकी डॉलर का जुर्माना भी लगाया गया था। तब से वे निकारागुआ के दूतावास में छिपे हुए थे।
पनामा के पूर्व राष्ट्रपति रिकार्डो मार्टिनेली को निकारागुआ दूतावास छोड़ने की अनुमति मिल गई है। अब वे निकारागुआ के शहर में जाकर रह सकेंगे। मनी लॉड्रिंग मामले में सजा पाने के बाद पूर्व राष्ट्रपति पिछले एक साल से दूतावास में छिपे थे।
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पनामा के विदेश मंत्री जेवियर मार्टिनेज-आचा वास्केज ने कहा कि दूतावास छोड़ने के बाद निकारागुआ जाकर मार्टिनेली बेहतर परिस्थितियों में अपना कानूनी बचाव कर सकेंगे और अनिर्दिष्ट मुद्दों के लिए चिकित्सा उपचार प्राप्त कर सकेंगे। न्याय की समयसीमा हमेशा स्वास्थ्य की समयसीमा से मेल नहीं खाती है, इसलिए विदेश संबंध मंत्रालय ने निकारागुआ सरकार द्वारा मार्टिनेली बेरोकल को दी गई शरण को मान्यता देने का फैसला किया है। मार्टिनेली के पास पनामा छोड़ने के लिए 31 मार्च की मध्यरात्रि तक का समय है।
मार्टिनेली एक व्यवसायी और सुपरमार्केट के दिग्गज हैं। उन्होंने 2009 से 2014 तक पनामा पर शासन किया। 2023 में उन्होंने फिर से राष्ट्रपति पद के लिए अपनी पार्टी का नामांकन जीता। हालांकि, उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग का दोषी ठहराया गया और 10 साल से अधिक जेल की सजा सुनाई गई और 19 मिलियन अमेरिकी डॉलर का जुर्माना लगाया गया। इसके बाद राष्ट्रपति पद के लिए उनकी अपील को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। 73 वर्षीय पूर्व नेता का कहना है कि उनके खिलाफ मुकदमा राजनीति से प्रेरित है, क्योंकि वे दूसरे कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ना चाहते थे।
इसके बाद मार्टिनेली ने अपने साथी और वर्तमान राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो का समर्थन किया। तब मुलिनो ने कहा था कि मार्टिनेली मतपत्र पर बने रहेंगे और जीतने के बाद पनामा लौट आएंगे। वहीं मुलिनो ने एक महीने पहले कहा था कि वह पनामा में निकारागुआ के नए राजदूत से मिलने जा रहे हैं। वे मार्टिनेली को निकारागुआ की यात्रा को लेकर बातचीत करेंगे।