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Israel: 'ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ हमने किए अनगिनत ऑपरेशन', मोसाद के पूर्व चीफ ने किया बड़ा दावा

Tue, 30 Aug 2022 04:16 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड न्यूज डेस्क, अमर उजाला, येरुशलम

सार

मोसाद के पूर्व प्रमुख योसी कोहेन ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ अनगिनत ऑपरेशन करने का दावा किया है। उन्होंने ये भी कहा कि उनके नेतृत्व में ईरान की धरती पर ही ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला के गढ़ में इन अभियानों को अंजाम दिया गया।
 
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मोसाद : इस्राइल की खुफिया एजेंसी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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इस्त्राइली खुफिया एजेंसी मोसाद के पूर्व प्रमुख योसी कोहेन ने दावा किया है कि उनके नेतृत्व में मोसाद ने ईरान के महत्वाकांक्षी परमाणु कार्यक्रम को फेल करने के लिए अनगिनत अभियान चलाए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 1897 की पहली जायोनी कांग्रेस के 125 साल पूरे होने के अवसर पर स्विट्जरलैंड में एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने ये दावा किया। अपने संबोधन में कोहेन ने ईरान और विश्व शक्तियों के बीच परमाणु समझौते पर भी प्रहार किया।

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उन्होंने सोमवार को यहां बोलते हुए कहा कि मोसाद के निदेशक के रूप में मेरे कार्यकाल के दौरान, ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ अनगिनत ऑपरेशन किए गए। इतना ही नहीं मोसाद को ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ लड़ाई में कई सफलताएं भी मिलीं। उन्होंने दावा किया कि अपने अभियानों के क्रम में हमने दुनिया भर में और ईरान की धरती पर ही ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला के गढ़ में काम किया। 

ईरानी परमाणु फाइलों को छीनने के लिए ऑपरेशन बारे में चर्चा करते हुए मोसाद के पूर्व प्रमुख कोहेन ने कहा कि  तत्कालीन प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने विश्व समुदाय के सामने प्रमुखता के साथ इन फाइलों को दिखाया था और कहा था कि यह स्पष्ट सबूत बताते हैं कि तेहरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम के सैन्य आयामों के बारे में झूठ बोला था।
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ईरान के साथ चल रही परमाणु वार्ता का उल्लेख करते हुए उन्होंने इस्त्राइल की स्थिति को बताया। उन्होंने कहा कि यदि किसी समझौते पर हस्ताक्षर किए जाते हैं तो ईरान को परमाणु हथियार प्राप्त करने से रोकने के लिए जो कुछ भी करने की आवश्यकता है वह करना जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि इस कट्टर शासन को कभी भी सामूहिक विनाश के अपने हथियार को तेज करने की क्षमता हासिल नहीं करनी चाहिए जिसका इस्तेमाल यहूदी राज्य के खिलाफ किया जाएगा।

दरअसल, ईरान दक्षिण में गाजा से लेकर उत्तर में लेबनान और सीरिया तक इस्त्राइल को घेरना चाहता है। ऐसे में कोहेन ने कहा कि यह हिज़्बुल्लाह, हमास और इस्लामिक जिहाद जैसे आतंकवादी समूहों को धन, प्रशिक्षण और हथियार देता है, जिससे उन्हें इज़राइल की नागरिक आबादी पर हजारों रॉकेट दागने में मदद मिलती है।

गौरतलब है कि मोसाद के पूर्व प्रमुख की ये टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब विश्व शक्तियां ईरान के साथ 2015 के समझौते को पुनर्जीवित करने के रोडमैप पर बातचीत कर रही हैं। ये समझौता ईरान के खिलाफ अपने तेजी से आगे बढ़ने वाले परमाणु कार्यक्रम को प्रतिबंधित करने के बदले प्रतिबंधों को हटा देगा।

बता दें कि संयुक्त व्यापक कार्य योजना (JCPOA), जिसे ईरान परमाणु समझौते के नाम से भी जाना जाता है। ईरान और P5 + 1 (संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और जर्मनी के पांच स्थायी सदस्य) के बीच हस्ताक्षरित एक समझौता था। इसने ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम पर प्रतिबंधों के बदले में राहत दी थी। इसके बदले में ईरान को गारंटी देनी थी कि वह परमाणु हथियार विकसित नहीं कर सकता।
परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान ने कहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। उसने परमाणु हथियार विकसित करने की इच्छा से इनकार किया है। वहीं, इस्त्राइल का तर्क है कि ईरान दुनिया को बेवकूफ बनाने की कोशिश कर रहा है और उसका परमाणु कार्यक्रम यहूदी राज्य के लिए एक संभावित खतरा है।

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