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Women Killing: दुनिया में हर 11 मिनट में एक महिला की हो रही हत्या, श्रद्धा हत्याकांड के बीच यूएन प्रमुख बोले

Tue, 22 Nov 2022 02:07 PM IST
सुरेंद्र जोशी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र

सार

यूएन प्रमुख ने इन हत्याओं को दुनिया में मानवाधिकारों का सबसे व्यापक उल्लंघन करार दिया है। उन्होंने दुनियाभर की सरकारों से इसके खिलाफ राष्ट्रीय कार्य योजनाएं बनाने आह्वान किया, ताकि इस संकट से निपटा जा सके। 

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UN Secretary-General António Guterres - फोटो : ANI
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विस्तार
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दिल्ली के खौफनाक श्रद्धा और मथुरा के आयुषी यादव हत्याकांड के बीच यूएन प्रमुख एंटोनियो गुतेरस ने चौंकाने वाली जानकारी साझा की है। उनके अनुसार दुनिया में हर 11 मिनट में एक महिला या लड़की की हत्या की जा रही है। उन्हें उनके प्रेमी, पति, अन्य पार्टनर या परिवार वाले मौत की नींद सुला रहे हैं। 

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यूएन प्रमुख ने इन हत्याओं को दुनिया में मानवाधिकारों का सबसे व्यापक उल्लंघन करार दिया है। उन्होंने दुनियाभर की सरकारों से इसके खिलाफ राष्ट्रीय कार्य योजनाएं बनाने आह्वान किया, ताकि इस संकट से निपटा जा सके। 
यूएन प्रमुख ने यह रिपोर्ट 25 नवंबर को मनाए जाने वाले 'महिलाओं खिलाफ हिंसा निवारण दिवस' के पूर्व दी। दुनिया भर में महिला हिंसा के खिलाफ यह अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है। गुतेरेस ने कहा कि महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा दुनिया में मानवाधिकारों का सबसे व्यापक हनन है। हर 11 मिनट में, एक महिला या लड़की को एक अंतरंग साथी या परिवार के सदस्य द्वारा मार दिया जाता है। हम जानते हैं कि कोविड-19 महामारी से लेकर आर्थिक कारण तथा अशांति जैसे कारण भी महिलाओं के शारीरिक और मौखिक दुर्व्यवहार का कारण बनते हैं। 
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श्रद्धा व आयुषी हत्याकांड ने भारतीय समाज को झकझोरा
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख की यह टिप्पणी हाल ही में दिल्ली में हुए श्रद्धा वाकर हत्याकांड और मथुरा में आयुषी यादव हत्याकांड के बीच आई है। इन हत्याओं ने भारतीय समाज को झकझोर कर रख दिया है।गुतेरेस ने कहा कि महिलाओं और लड़कियों को बड़े पैमाने पर ऑनलाइन हिंसा का सामना करना पड़ता है। इसमें भ्रामक व अभद्र भाषा से लेकर यौन उत्पीड़न, फोटो का दुरुपयोग शामिल है। उन्होंने कहा कि हिंसा और दुर्व्यवहार की महिलाओं को भारी कीमत चुकानी पड़ती है। यह जीवन के सभी क्षेत्रों में महिलाओं और लड़कियों की भागीदारी के अधिकार को बाधित करता है। उन्हें उनके बुनियादी अधिकारों और स्वतंत्रता से वंचित करता है। इससे आर्थिक सुधार और सतत विकास में खलल पड़ता है। 

यूएन प्रमुख ने कहा कि महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा को इतिहास की किताबों में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब परिवर्तनकारी कार्रवाई का समय है, ताकि महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा को समाप्त किया जा सके। 

यूएन प्रमुख ने दुनियाभर की सरकारों से 2026 तक महिला अधिकार संगठनों और महिलाओं के हित में आंदोलनों के लिए वित्त पोषण 50 फीसदी बढ़ाने का भी आह्वान किया। उन्होंने महिला अधिकारों के समर्थन में आवाज उठाने का आग्रह किया। इसके साथ ही गर्व से एलान किया 'हम सभी नारीवादी हैं।'
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