बांग्लादेश ने रोहिंग्या शरणार्थियों को बसाने के लिए बंगाल की खाड़ी में 'भाषण चार द्वीप' को पूरी तरह विकसित करने का दावा किया है। उसका कहना है कि द्वीप में एक लाख रोहिंग्या शरणार्थियों को बसाने के लिए घर, अस्पताल, मस्जिद बनाने से लेकर तमाम सुविधाएं मुहैय्या कराने की व्यवस्था पूरी कर ली गई है।
द्वीप को बाढ़ के खतरे से बचाने के लिए बड़े बांध भी बना लिए गए हैं। भाषण चार द्वीप दक्षिण पूर्वी बांग्लादेश के हतिया द्वीप से 30 किलोमीटर पूर्व में स्थित एक निर्जन द्वीप था। इस द्वीप का निर्माण लगभग दो दशक पूर्व मेघना नदी के मुहाने पर हुआ था।
बांग्लादेश के शरणार्थी राहत और पुनर्वास कमिश्नर महबूब आलम तालुकदार ने समाचार एजेंसी एपी को बताया कि भाषण चार द्वीप में म्यांमार से विस्थापित रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थियों को बसाने की पूरी तैयारी हो चुकी है और बांग्लादेश में रह रहे करीब 10 लाख में से एक लाख शरणार्थियों को जल्दी ही वहां भेजा जाएगा।
भाषण चार द्वीप दक्षिण पूर्वी बांग्लादेश के हतिया द्वीप से 30 किलोमीटर पूर्व में है। बांग्लादेश सरकार ने 2300 करोड़ टका की लागत से इसे बसाया है। हाल ही में एक बांग्लादेशी पत्रकार सालेह नोमान ने वहां का जायजा लिया और बताया कि धीरे-धीरे वहां लोग बस रहे हैं। कई दुकाने भी वहां खुल गई हैं।
हालांकि यह एक तैरता हुआ द्वीप है और रोहिंग्या शरणार्थियों को यहां बसाये जाने के प्रस्ताव का संयुक्त राष्ट्र ने इसलिए विरोध किया था कि कभी भी किसी बड़े समुद्री तूफान में यह द्वीप पूरी तरह तबाह हो सकता है। लेकिन बांग्लादेश नेवी ने इसके लिए कारगर कार्ययोजना बनाने का दावा किया है।
द्वीप के विकास में लगे ठेकेदारों ने बताया कि उन्होंने वहां एक बेहतरीन, खूबसूरत और हर सुविधा से भरपूर टाउनशिप बनाया है। हालांकि अब भी बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा है कि वे इस बारे में संयुक्त राष्ट्र को भरोसे में लेकर ही शरर्णार्थियों को वहां भेजेंगी।