अमेरिका की जगह एशिया के वैश्विक शक्ति के केंद्र के रूप में उभरने के संकेतों के बीच यूरोपीय संघ (ईयू) के विदेशी मामलों के प्रमुख जोसेप बोरेल ने चीन को लेकर ‘अधिक मजबूत रणनीति’ बनाने पर जोर दिया है। भारत का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि इसके लिए जरूरी है कि हमें एशिया के लोकतांत्रिक देशों के साथ बेहतर रिश्ते विकसित करने होंगे।
बोरेल ने सोमवार को जर्मनी के राजदूतों के साथ बैठक के दौरान कहा कि विश्लेषकों ने ‘अमेरिकी नेतृत्व वाली प्रणाली के अंत और एशियाई सदी के आगमन’ के संकेतों को लेकर आगाह किया है। उन्होंने कहा, यह अब हमारी आंखों के सामने हो रहा है। कोविड-19 महामारी को वैश्विक शक्ति के केंद्र को पश्चिम से पूर्व की ओर ले जाने वाले महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा सकता है।
इससे ईयू के लिए पक्ष चुनने का दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि 27 देशों के समूह को अपने हितों और मूल्यों का पालन करना होगा। चीन का उदय प्रभावशाली रहा है लेकिन यह भी ध्यान रखना होगा कि ब्रुसेल्स और बीजिंग के बीच संबंध हमेशा विश्वास और पारदर्शिता पर आधारित नहीं रहे। हमें चीन के लिए अधिक मजबूत रणनीति की जरूरत है। जिसके लिए हमें एशिया के लोकतांत्रिक देशों के साथ काम करना होगा।