नायपॉल की पहली किताब ‘द मिस्टिक मैसर’ 1951 में आई थी। 2001 में मिले नोबेल पुरस्कार से पहले उनकी किताब ‘इन ए फ्री स्टेट’ के लिए 1971 में उन्हें ‘बुकर प्राइज’ भी मिला था। 2008 में टाइम पत्रिका ने 50 महान ब्रिटिश लेखकों की सूची में वीएस नायपॉल को सातवां स्थान दिया था।
नायपॉल ने पहली शादी पेट्रीसिया एन हेल से साल 1955 में की थी। 1996 में पेट्रीसिया का निधन के दो महीने बाद ही उन्होंने 20 साल छोटी एक तलाकशुदा पाकिस्तानी पत्रकार नादिरा खान्नुम अल्वी से शादी की थी। दोनों की मुलाकात लाहौर के अमेरिकी महावाणिज्य दूतावास में हुई थी। साल 2003 में उन्होंने नादिरा की बेटी को गोद ले लिया था जो कि उस समय 25 साल की थी।
यादगार
पत्नी नादिरा नायपॉल :
उन्होंने रचनात्मकता और उद्यम से भरी जिंदगी जी। आखिरी वक्त में वे सभी लोग, उनके साथ थे, जिन्हें वे प्यार करते थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी :
सर वीएस नॉयपाल कई विषयों जैसे इतिहास, संस्कृति, उपनिवेशवाद, राजनीति पर अपने लेखन के लिए याद किए जाएंगे। उनका निधन साहित्यजगत के लिए बड़ा नुकसान है।
ब्रिटिश भारतीय उपन्यासकार सलमान रुश्दी :
हम अपने जीवन, राजनीति के बारे में, साहित्य के बारे में असहमत थे और आज मैं एक बड़ा भाई खोने के चलते दुखी हूं।