स्पेन के नागरिक काम की तलाश में गांवों से निकल कर शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। पीछे 3,000 गांव सुनसान छूट गए हैं। वीरान पड़ चुके इन गांवों को फिर से बसाने की कोशिश की जा रही है।
इसके लिए समंदर पार से आए विदेशियों को पूरे का पूरा गांव कौड़यों के भाव बेचा जा रहा है। स्पेन की कई बस्तियां वीरान पड़ चुकी है। इनमें से कुछ तो सदियों पुरानी हैं।
लेकिन खास बात यह है कि इन बस्तियों को आप खरीद सकते हैं, वह भी कौड़ियों के भाव। बारका एक गांव है जो 15वीं शताब्दी का बताया जाता है। यहां यदि आप कोई संपत्ति खरीदना चाहते हैं तो इसके लिए आपको पैसों की जरूरत नहीं होगी।
ज़रूरत है तो बस एक ऐसे भावी मालिक की जिसके पास 12 ढहते पत्थर के बने मकानों को संरक्षित करने की कोई व्यवहारिक योजना हो।
अब कोई नहीं आता इन गांवों की ओर
पेना वेल्ला दूसरा गांव है जहां के पांच पत्थर मकान केवल 62,000 यूरो (52,000 पाउंड) में बिक रहे हैं। एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार स्पेन की राष्ट्रीय सांख्यिकी संस्थान का अनुमान है कि देश भर में ऐसी करीब 2,900 बस्तियाँ हैं जो बिल्कुल वीरान पड़ी हुई हैं।
इनमें से करीब आधी बस्तियां देश के उत्तर-पूर्वी इलाके गलिसिया और अशटूरियस में स्थित हैं। ग्लिसिया और अश टूरियस के अधिकांश गांव में सन्नाटा पसरा है। गली-नुक्कड़ वीरान पड़े हैं।
बरसों पहले यहां के बाशिंदों ने रोजगार के लिए बड़े शहरों का रुख कर लिया। कुछ लोगों ने खेती के लिए अच्छी जमीन की तलाश में अपना पुश्तैनी गांव छोड़ दिया।
कर्ज के चलते छूटे पुश्तैनी गांव
कई ग्रामीणों को मौजूदा आर्थिक संकट के कारण भी मजबूरन अपनी जमीन-जायदाद बेचनी पड़ी। स्थानीय एस्टेट एजेंट का कहना है, "खाली पड़ी ये बस्तियां विदेशी खरीदारों के बीच खासी लोकप्रिय हो रही हैं।
ब्रिटेन, नार्वे, अमरीका, जर्मनी, रूस और यहां तक कि मैक्सिको से आए लोगों ने इन मध्यकालीन संपत्तियों को ख़रीदने के लिए यहां कतार लगा रखी है।"कर्ज के बोझ तले दबा स्पेन दो साल से चल रही मंदी से उबरने की कोशिश में है। कारोबार में उसका आत्मविश्वास अब बढ़ने लगा है।
इसके बावजूद देश में बेरोज़गारी 26 फ़ीसदी है। इसके अलावा आर्थिक विकास दर के कम होने की भी आशंका जताई जा रही है।