मध्यावधि चुनाव के लिए ब्रिटेन की संसद को बुधवार को आधिकारिक तौर पर भंग कर दिया गया। प्रधानमंत्री टेरेसा मे द्वारा आगामी 8 मई को घोषित आम चुनाव तक संसद की सभी कार्रवाई रोक दी गई। कानून के अनुसार चुनाव होने से पहले 25 कार्य दिवसों को संसद भंग कर दिया जाता है, जिसके बाद सांसद से संसद के सदस्य होने का विशेषाधिकार छीन लिए जाते हैं।
इससे पहले ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरेसा मे बकिंघम पैलेस में महारानी एलिजाबेथ से मिली और 650 सदस्यों वाले संसद को भंग करने का आग्रह किया। इसके बाद महारानी ने संसद भंग करने की मंजूरी दे दी। संसद भंग करने की मंजूरी मिलने के बाद प्रधानमंत्री मे ने संसद भंग होने का औपचारिक ऐलान किया।
इसके साथ ही सभी पार्टियां अपने चुनावी अभियान में जुट गए। करीब एक साल पहले ब्रिटेन ने जनमत संग्रह में 28 देश वाले यूरोपीय संघ से निकलने के लिए वोट किया था। लिहाजा इस चुनाव में मुख्य मुद्दा ब्रेक्जिट बनेगा।