पेरिस में छह जगहों पर हमले कर 129 लोगों की मौत की नींद सुला डालने वाले आतंकियों में से तीन की पहचान कर ली गई है। पुलिस ने एक हमलावर के पिता और भाई को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। इसके साथ ही सुरक्षा बलों ने हमलावरों की ओर से गोलीबारी के लिए इस्तेमाल की गई कार भी बरामद कर ली है। काली रंग की यह सीएट लियोन कार में एके-47 भी बरामद हुआ है। फ्रांस की पुलिस इस जघन्य नरसंहार के रहस्यों को खंगालने में लगी है। पेरिस और उसके आसपास हजारों की संख्या में पुलिस बल तैनात हैं।
फ्रेंच पुलिस ने पेरिस में 129 लोगों की हत्या करने वाले आईएस के सात फिदायीन हमलावरों में से एक 29 वर्षीय उमर इस्माइल मुस्तफेई की पहचान कर ली है। यह आशंका भी जताई जा रही है कि कुछ और हमलावर अब भी फ्रांस में छिपे हो सकते हैं। हालांकि हमलावरों की तलाश पूरे यूरोप में चल रही और इस सिलसिले में बेल्जियम पुलिस ने भी सात संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। जर्मन पुलिस ने भी एक शख्स को गिरफ्तार किया है, जो एके-47 राइफलों से लदी कार की बरामदगी से जुड़ा हो सकता है। एक हमलावर की लाश के नजदीक से सीरियाई पासपोर्ट बरामद होने के बाद यह भी कयास लगाया जा रहा है आतंकी शरणार्थियों के तौर पर सीरिया या इराक से आए होंगे। माना जा रहा है कि ये किराये की कार में ब्रसेल्स से पेरिस में घुसे थे।
स्टाडे डि फ्रांस और स्टेडियम के हमलावर दो आत्मघाती आतंकियों की पहचान उनके फिंगर प्रिंट्स के जरिये हो चुकी है। इनकी उम्र 20 और 31 साल बताई गई है। ये दोनों फ्रांस के थे और बेल्जियम में रह रहे थे। इनके नाम फिलहाल पुलिस ने नहीं बताए हैं। फ्रेंच और बेल्जियम पुलिस इन आतंकियों और ब्रसेल्स के मोलेनबिक इलाके के संबंधों को खंगालने में लगे हैं। यह इलाका आतंकवादियों का अड़्डा माना जाता है। बेल्जियम पुलिस ने सात लोगों को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि बेल्जियम से पांच सौ से ज्यादा जिहादी सीरिया और इराक जा चुके हैं। पुलिस का कहना है कि हमले के लिए दो कारों का इस्तेमाल किया गया।
कटी अंगुली से की आतंकी की पहचान
बीबीसी के मुताबिक अल्जीरियाई मूल का फ्रांसीसी नागरिक मुस्तफेई पेरिस के उपनगरीय इलाके कोरकोरेनस इलाके में पैदा हुआ था। छह भाई-बहनों में से एक मुस्तफेई का छोटे-मोटे अपराध का रिकार्ड रहा है। मुस्तफेई के पिता का कहना है पिछले कई साल से उसका परिवार के कोई संपर्क नहीं था। पुलिस मुस्तफेई के पिता, भाइयों और भाभियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
इधर, पुलिस ने शनिवार की रात पूर्वी पेरिस में जिस कार को बरामद किया, उसमें एके-47 राइफलें लदी थीं। पुलिस को शक है कि इसी कार का इस्तेमाल अलग-अलग जगहों पर हमले के लिए किया गया। पेरिस के चीफ प्रोसिक्यूटर फ्रैंकोइस मोलिन्स ने कहा है कि लगता है कि आतंकवादियों की तीन टीमों ने कंसर्ट हॉल, स्टेडियम, रेस्तरां और बार समेत छह जगहों पर जघन्य हमले किए थे। अब यह पता लगाना है ये कहां से आए थे और इन्हें इन हमलों के लिए किसने धन मुहैया कराया था।
इस बीच, हमले में मारे गए लोगों को पेरिस समेत पूरी दुनिया में श्रद्धांजलि देने के सिलसिला जारी है। रविवार को भी पेरिस में हजारों सैनिकों और लोगों ने खामोश खड़े होकर हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। पुलिस ने हमले में शामिल आतंकी उमर इस्माइल मुस्तफेई की पहचान बाताक्लां कंसर्ट हॉल में मिली उसकी कटी अंगुली से की है। शुक्रवार की रात यहां आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलियां चला कर 89 लोगों को मार डाला था। पेरिस में छह हमलों में 129 लोगों की मौत हो गई थी। 350 लोग घायल हैं। इनमें 99 की हालत गंभीर है।
हमलावरों में एक महिला भी
हमलावरों में से दो ग्रीस के रास्ते फ्रांस में घुसे थे। ये लोग शरणार्थी के तौर पर फ्रांस पहुंचे थे। हमले में बचे कुछ चश्मदीदों का कहना है कि फिदायीन हमलावरों में से एक महिला भी थी। हमलावर आतंकियों में से एक की तस्वीर सामने आई है। सर्बियाई मीडिया ने दावा किया है कि अहमद अल मोहम्मद नाम के इस आतंकी ने खुद को उड़ा लिया था। उसका सीरियाई पासपोर्ट बरामद हुआ है। ग्रीस की वेबसाइट ने उस नाव का टिकट भी जारी किया है, जिस पर सवार होकर वह ग्रीस पहुंचा था। वहीं से वह पेरिस में घुस गया था।
इस बीच पता चला है कि शनिवार को हमला करने वालों में एक 15 साल का लड़का भी शामिल था। पेरिस में शुक्रवार की रात घातक आतंकी हमलों के बाद फ्रांस के साथ पूरे यूरोप में इराक और सीरिया से आने वाले शरणार्थियों के प्रति अपनाए जाने वाले उदार रवैये पर जोरदार बहस छिड़ गई है। लोगों ने देश की आप्रवास नीति को कड़ा करने की मांग शुरू कर दी गई है। एक वर्ग में शरणार्थियों के प्रति नफरत बढ़ती जा रही है।