भारत के ढ़ाई करोड़ इसाई ये जानने के लिए उत्सुक होंगे कि छह सौ सालों के इतिहास में पहली बार इस्तीफा देने वाले पोप ने वैटिकन के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बीबीसी न्यूज के माइकल हर्स्ट ने ऐसे ही दस सवालों और उनके जवाबों की पड़ताल की है।
नाम और उपनाम
वैटिकन ने मंगलवार को कहा कि पोप बेनेडिक्ट 16 वें पोप ‘एमिरट्स’ (ससम्मान अवकाश प्राप्त) या ‘रोमण पॉन्टिफ एमिरट्स’ कहे जाएंगे।
वह अपने पुराने नाम जोसेफ रैटजिंगर की बजाय अपने ओहदे से जुड़े नाम ‘पोप बेनेडिक्ट 16 वें’ से ही जाने जाएंगे। उन्हें 'योर होलीनेस’ कह कर ही पुकारा जाएगा।
ठीक वैसे ही जैसे अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यकाल खत्म होने के बाद भी ‘राष्ट्रपति’ कह कर ही संबोधित किए जाते हैं।
नया घर
गुरुवार को ग्रीनविच मान समय के अनुसार शाम सात बजे इस्तीफा देने के बाद बेनेडिक्ट 16 वें वैटिकन शहर से हेलिकॉप्टर से विदा लेंगे।
लेकिन तीन महीने बाद वे वापस अपने नए घर में लौटेंगे। वैटिकन शहर के दक्षिण पश्चिमी छोर पर स्थित एक कॉन्वेंट को बेनेडिक्ट 16 वें का नया घर बनाया गया है। तब तक बेनेडिक्ट 16 वें रोम के दक्षिण में स्थित पोप निवास में ही रहेंगे।
पोप का पहनावा
पोप अब इन लाल जूतों की जगह भूरे रंग के जूते पहनेंगे।
बेनेडिक्ट 16 वें साधारण पादरियों की भांति काले रंग या कार्डिनल के लाल रंग वाले लिबास की जगह पोप के परंपरागत सफेद रंग का लिबास पहनते रहेंगे।
कहा जा रहा है कि वे ज्यादातर इस्तेमाल में आने वाले अपने लाल रंग के जूते पहनना छोड़ देंगे और इसकी जगह पर वे हाथ से बने भूरे रंग के जूते पहनेंगे।
पोप पिछले साल जब मेक्सको के दौरे पर गए थे तो वहां के दस्तकारों ने उनके लिए ये जूते बनाए थे।
उनकी अंगूठी
पोप की सोने की अंगूठी जिसे ‘मछुआरे की अंगूठी’ भी कहा जाता है, को खास तौर पर चांदी से बने एक हथौड़े से उस वक्त तोड़ दिया जाएगा जब बेनेडिक्ट 16 वें दफ्तर से निकल रहे होंगे।
वैटिकन ने कहा है कि परंपराओं में किसी तरह का बदलाव नहीं होगा सेंट पीटर्स के मंत्रालय से जुड़ी चीजों को नष्ट किया जाना ही होगा।
बेनेडिक्ट 16 वें का निजी मुहर भी नष्ट की जाने वाली चीजों में शामिल है।
पोप के कर्तव्य
बेनेडिक्ट 16 वें के पास अब कोई प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं रहेगी।
अपने उत्तराधिकारी को चुनने के लिए होने वाली बैठकों में भी वे शिरकत नहीं कर सकेंगे। इन बैठकों में 80 साल से ज्यादा का कोई कार्डीनल भी शामिल नहीं हो सकेगा।
हालांकि ऐसी बैठकों में शामिल होने वाले 115 लोगों में से 67 की नियुक्ति बेनेडिक्ट 16वें ने ही की थी इसलिए उनके असर से इनकार नहीं किया जा सकता।
सेवानिवृत्ति के बाद का जीवन
इस्तीफे की घोषणा के बाद पोप ने कहा था कि वह अपना वक्त चर्च के लिए प्रार्थना में गुजारेंगे।
उनके बड़े भाई मॉन्सिग्नॉर जॉर्ज रैटजिंगर ने भी यह कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो बेनेडिक्ट अपने उत्तराधिकारी को सलाह देकर खुश ही होंगे।
लिखना और पढ़ना भी उनके एजेंडे मे शुमार होगा। साल 2005 में जब वे पोप बने थे तो उनकी लाइब्रेरी में दो लाख किताबें थीं।
पियानो बजाना और पुरानी ब्लैक एंड व्हॉइट कॉमेडी फिल्में उन्हें खास तौर पर पसंद हैं। बेनेडिक्ट को बिल्लियों से भी लगाव है।
सोशल मीडिया
पोप का ट्विटर अकाउंट और उसके आठ भाषाई संस्करण बेनेडिक्ट 16वें के त्यागपत्र के बाद निष्क्रिय कर दिए जाएंगे।
उम्मीद की जा रही है कि बुधवार को अपने अंतिम भाषण के बाद वे ट्विटर पर अपने 15 लाख अनुयायियों को अलविदा भी कहेंगे।
सुनहरी छतरी
कहा जा रही है कि बेनेडिक्ट 16वें को वे तमाम स्वास्थ्य सुविधाएं मिलती रहेंगी जिसके बतौर बिशॉप वे हकदार होंगे।
संभव है कि फिलहाल उनके स्वास्थ्य की देख-भाल कर रहे डॉक्टरों और जर्मन नन्स की सुविधा भी उन्हें मिलती रहेगी।
चूंकि छह सौ सालों में पहली बार कोई पोप सेवानिवृत्त हो रहा है इसलिए पोप के पेंशन जैसी कोई योजना अस्तित्व में नहीं है। इसमें कोई शक नहीं है कि रोम अपने पोप एमिरट्स का ख्याल रखता रहेगा।
पोप का पी.ए.
बेनेडिक्ट 16वें के निजी सचिव जॉर्ज गैग्सवीन अपने पद पर बरकरार रहेंगे। हमने उन्हें पोप की लगभग हर तस्वीर की पृष्ठभूमि में मुस्कुराते चेहरे के साथ देखा है।
पोप के निवास की देख-रेख की जिम्मेदारी भी उनके ही जिम्मे होगी। वे एक साथ दो स्वामियों के सेवक बने रहेंगे।
पोप गलत नहीं हो सकते
ऐसा माना जाता है कि पोप गलतियां नहीं कर सकते। वे जो कहते हैं या करते हैं, गलत नहीं हो सकता। बेनेडिक्ट 16 वें ने अपने इस विशेषाधिकार का कभी इस्तेमाल नहीं किया।
यह भी सच है कि साल 1870 के बाद से केवल एक बार ही किसी पोप ने अपने इस विशेषाधिकार का इस्तेमाल किया था।