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इस्लाम छोड़ा तो छूटा देश भी

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अफ्रीकी देश सूडान की इब्राहिम यहया मरियम इशाक नामक महिला को मौत की सज़ा सुनाई गई वो भी बस इसलिए क्योंकि वह अपना इसलाम धर्म बदलना चाहती थी। महिला को सुनाई गई मौत की सजा के फरमान का पूरी दुनिया में जमकर विरोध हुआ। जिसके बाद महिला का मृत्युदंड तो माफ हो गया लेकिन वह अपने देश से दूर हो गई।
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महिला अब अपने देश से दूर इटली चली गई है। इससे पहले महिला ने खारतोम के अमेरिकी दूतावास में एक माह से भी ज्यादा समय बिताया था।मरियम की फांसी की सज़ा एक अपीली अदालत में निरस्त होने के बाद उन्हें सोमवार को रिहा किया गया था।

मरियम इशाक को उनके परिवार के साथ इटली सरकार के विमान में भेजा गया जहां उनके साथ इटली के एक मंत्री लेपो पिस्टेली भी थे। इटली में विदेश मामलों के उप-मंत्री पिस्टेली ने अपने फेसबुक अकाउंट पर इब्राहिम और उनके बच्चों के साथ तस्वीर पोस्ट भी की है।
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इस्लामी कानून के चलते नहीं बदल पाई धर्म

इब्राहिम यहया मरियम के पिता मुस्लिम हैं व मां इसाई हैं। मरियम की माँ ने ही इब्राहिम की परवरिश की है और कभी अपना धर्म परिवर्तन नहीं किया, परंतु सूडान के इस्लामी क़ानून के अनुसार पिता का धर्म ही बच्चे का धर्म माना जाता है इसलिए मरियम भी मुस्लिम हैं और वो अपना धर्म परिवर्तन नहीं कर सकती।

जज ने युवती को फांसी के अलावा 100 कोड़े लगाने की भी सज़ा सुनाई है क्योंकि इस्लामी क़ानून के तहत एक ईसाई से शादी करना जुर्म है।बता दें कि इब्राहिम यहया मरियम के पति डेनियल वानी एक अमरीकी नागरिक है जो कि दक्षिणी सूडान से हैं और और एक ईसाई हैं।
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फिर गिरफ्तार किया एयरपोर्ट पर

मरियम को फ़रवरी में गिरफ़्तार किया गया था और उन्होंने अपनी एक बेटी को जेल में ही जन्म दिया। बेटी के जन्म के बाद ही इब्राहिम को धर्म त्यागने के आरोप में फांसी की सज़ा सुनाई गई थी जिसका पूरे विश्व भर में विरोध हुआ और काफी निंदा की गई।

अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर हुए विरोध के चलते और दबाव के बाद इब्राहिम यहया मरियम को माफ़ कर उन्हें जून में रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद मरियम और उनके पति वानी ही नहीं, बल्कि उनकी पूरी कानूनी टीम भी ख़ुश थी।

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