इंसान का सबसे पहले होमो सेपियंस का जीवाश्म मोरक्को में मिला था जिसकी आयु तीन लाख साल पुरानी बताई गई। इसके बाद इथियोपिया से भी एक जीवाश्म मिला जो करीब 1,95,000 साल पुराना था। इन सबके दिमाग की आकृति लंबी थी। यह शोध बताता है कि होमो सेपियंस एक विकासशील प्राणी है जिसकी अफ्रीकी जड़ें काफी गहरी हैं और जिनमें लगातार बदलाव हो रहे हैं।
खतरनाक दिमागी बदलाव रोकने के तरीके
वैज्ञानिकों के मुताबिक अल्जाइमर्स या डिमेंशिया जैसी बीमारियां होने से दशकों पहले ही दिमाग में खतरनाक बदलाव आने लगते हैं। तभी लोगों के पास दिमागी सेहत सुधारने का मौका होता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजिंग के मुताबिक यह सुधार तीन तरीकों से लाया जा सकता है। इनमें सबसे पहला है अधेड़ उम्र में बीपी का ध्यान रखना। दूसरा है कॉग्नीटिव प्रशिक्षण जिसमें स्पर्श, गंध, पहचान, तर्क और याददाश्त को बेहतर बनाना सिखाया जाता है। तीसरा तरीका सबसे फायदेमंद है जिसमें इंसान को सामूहिक गतिविधियों में शामिल होना बताया गया है।