पूर्वी रूस में एक रिसाइकल सेंटर में हुए धमाके में दो लोगों की मौत हो गई जबकि एक अन्य घायल हो गया। धमाका एक मिसाइल से हुआ जिसे चोरी किया गया था। यूट्यूब पर कार के डैशकैमरे से रिकॉर्ड हुए एक धमाके के वीडियो के अपलोड होने के बाद रूसी मीडिया अलर्ट हुई। 10 मीटर (35 फीट) लंबी सोवियत काल की एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइल एस-200 अंगारा को नाटो देशों में SA-5 'गैमन' के नाम से भी जाना जाता है।
ये मिसाइल 1960 के दशक से सेवा में लाई गई और अब इनकी जगह एस-300 और एस-400 सरफेस-टू-एयर मॉडल ने ले ली है। यह अभी तक नहीं पता चल पाया है कि मिसाइल रिसाइकल सेंटर तक कैसे पहुंची। स्थानीय न्यूज वेबसाइट बाई24 डॉट ओआरजी के मुताबिक, सात टन की मिसाइल मिलिस्ट्री बेस से चुराई गई थी। मिसाइल चुराने वाले लोगों की पहचान नहीं हो सकी है। मिसाइल को बेचकर पैसे कमाने के इरादे से इसे चुराया गया था। अंदाजा लगाया जा रहा है कि धमाका तब हुआ जब वर्कर मिसाइल को खोलने की कोशिश कर रहे थे।
न्यूज़ वेबसाइट द इनसाइडर ने कहा कि इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम ने बाद में जांच के दौरान एस-200 मिसाइल सिस्टम से दूसरा रॉकेट बरामद किया। इस घटना को लेकर रूसी सोशल मीडिया में काफी बहस हो रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर मिसाइल रिसाइकल प्लांट तक कैसे पहुंची। डेमिड काचेंकों ने सवाल किया, बिना लोहे वाली कबाड़ की दुकान पर एक मिसाइल क्या कर रही थी?मय्या यारोवाया ने लिखा, हमारे पास इतने जंग खाए हुए हथियार हैं कि लोग अब उन्हें कबाड़ में भी बेचने लगे हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना के परिणाम भयावह हैं।