रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने कहा है कि उत्तर कोरिया के खिलाफ और प्रतिबंध लगाना व्यर्थ है। उन्होंने कहा, उत्तर कोरिया घास खाकर गुजारा कर लेगा लेकिन अपना परमाणु कार्यक्रम नहीं छोड़ेगा। दरअसल, अमेरिका ने सोमवार को कहा था कि वह उत्तर कोरिया पर और कड़े प्रतिबंध लगाने के लिए संयुक्त राष्ट्र में नए प्रस्ताव रखेगा। हाल में उत्तर कोरिया ने अपने नए परमाणु बम का परीक्षण किया था।
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साथ ही पुतिन ने कहा है कि 'सैन्य उन्माद' पर सख्ती करने से वैश्विक तबाही हो सकती है, उनका कहना था कि कूटनीति ही एक जवाब हो सकती है। उत्तर कोरिया के मुख्य सहयोगी चीन ने कहा है कि उत्तर कोरिया से बातचीत के लिए लौटना चाहिए।
आखिर पुतिन ने क्या कहा?
पुतिन चीन के शियामेन में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान ऐसा कह रहे थे। हालांकि, पुतिन ने उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण को 'उकसाऊ' बताते हुए कहा था, अब किसी भी प्रकार का प्रतिबंध बेकार और अप्रभावी रहेगा।
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उन्होंने आगे कहा, वे जब तक सुरक्षित महसूस नहीं करेंगे तब तक अपना परमाणु कार्यक्रम रोकने की जगह घास खाना पसंद करेंगे और सुरक्षा की भावना कैसे स्थापित होगी? अंतरराष्ट्रीय कानून की बहाली करके। हमें सभी इच्छुक पक्षों के बीच बातचीत को बढ़ावा देना चाहिए। मानवीय पहलू का हवाला देते हुए पुतिन ने कहा कि इन कड़े प्रतिबंधों से लाखों लोग प्रभावित होंगे।
कौन है प्रतिबंधों के साथ?
Kim Jong un- Donald Trump
सोमवार को संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत निक्की हेली ने कहा था कि उत्तर कोरिया के कड़े प्रतिबंधों से कूटनीति के बल पर समस्या हल होने में मदद मिलेगी। वहीं, अमेरिका की इस बात का जर्मनी ने समर्थन किया है। जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल ने मंगलवार को कहा कि उत्तर कोरिया के लगातार अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के उल्लंघन के बाद उसे जवाब देने के लिए कड़े प्रतिबंधों की जरूरत है।
पिछले महीने, संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरियाई निर्यात पर प्रतिबंध लगाने और देश में निवेश सीमित करने के लिए सर्वसम्मति से मतदान किया था। हालांकि, अमेरिका ने उत्तर कोरिया पर क्या अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं इसको लेकर कुछ नहीं बताया था। लेकिन कूटनीतिज्ञों ने सुझाव दिया है कि तेल प्रतिबंधों से उत्तर कोरिया पर खासा प्रभाव पड़ेगा।
ये हो सकते हैं प्रतिबंध?
उत्तर कोरिया की नेशनल एयरलाइंस पर प्रतिबंध लग सकता है। इसके अलावा विदेशों में काम कर रहे उत्तर कोरिया के लोगों पर भी प्रतिबंध हो सकता है। उत्तर कोरिया के अधिकारियों की यात्रा पर प्रतिबंध लगाने के अलावा उनकी संपत्तियों को भी जब्त किया जा सकता है।
मंगलवार को दक्षिण कोरिया की विदेश मंत्री कांग युंग वा ने अपने चीनी समकक्ष से बात करते हुए कहा था कि उन्हें विश्वास है कि चीन उत्तर कोरिया पर अधिक प्रतिबंध लगा सकता है। पुतिन ने कहा है कि रूस के साथ उत्तर कोरिया का व्यापार मामूली है और वह वर्तमान अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन नहीं करता है।