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रूस: बीबीसी पत्रकार ने सांसद पर लगाया उत्पीड़न का आरोप

Sat, 10 Mar 2018 04:01 PM IST
बीबीसी, हिंदी
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बीबीसी पत्रकार
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बीबीसी की एक पत्रकार ने रूस के वरिष्ठ नेता लियोनेड स्लूत्सकी पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। बीबीसी रूसी सेवा की फरीदा रूस्तमोवा तीसरी पत्रकार हैं, जिन्होंने खुले तौर पर लियोनेड स्लूत्सकी पर अनुचित व्यवहार का आरोप लगाया है।

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स्लूत्सकी ने ऐसे सभी आरोपों को खारिज किया है और आरोप लगाने वाली महिलाओं को कोर्ट में घसीटने की धमकी दी है। रुस्तमोवा ने अपने साथ एक साल पहले हुई इस घटना का ऑडियो रिकॉर्ड किया था, जो बीबीसी के पास सुरक्षित है। बीबीसी ने इसे सार्वजनिक नहीं करने का फैसला लिया है।

फरीदा रुस्तमोवा 24 मार्च, 2017 को विदेशी मामलों की समिति के अध्यक्ष लियोनेड स्लूत्सकी के कार्यालय गई थीं। वो उस समय फ्रांस की राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार मरीन ले पेन की रूस यात्रा पर स्लूत्सकी से प्रतिक्रिया चाह रही थीं।
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बातचीत के दौरान लियोनेड स्लूत्सकी ने अचानक मुद्दा बदल दिया और पूछा कि क्या वो बीबीसी की नौकरी छोड़कर उनके लिए काम करना चाहेंगी। जब रुस्तमोवा ने इनकार कर दिया, स्लूत्सकी ने कहा, "आप मुझसे दूर होने की कोशिश कर रही हैं. क्या आप मुझे चूमना नहीं चाहती हैं, आपने मेरी भावना को ठेस पहुंचाई है।"

रिकॉर्डिंग में रुस्तमोवा यह कहते हुए सुनाई दे रही हैं कि उनका ब्यॉयफ्रेंड है और वो उनसे शादी करना चाहती हैं। स्लूत्सकी कहते हैं, "बहुत अच्छा, आप उनकी पत्नी होंगी और मेरी रखैल।" संवाददाता का कहना है कि नेता उनके "नजदीक आते हैं और अपने हाथ उनके शरीर के निचले हिस्से पर फेरने लगते हैं।"

"ये राजनीतिक साजिश है"
रुस्तमोवा ने कहा, "मैं समझ नहीं सकी कि मेरे साथ क्या हुआ। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं क्या कहूं। अजीब आवाज निकालने लगी। मैंने उन्हें अपने नजदीक आने से मना किया।" ये सभी घटना रिकॉर्ड हुई थी। हालांकि स्लूत्सकी ने संवाददाता के आरोपों को खारिज किया है। जब बीबीसी ने स्लूत्सकी से 24 मार्च, 2017 की घटना के बारे में पूछा तो उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

पिछले दो सप्ताह में टीवी चैनल आरटीवीआई की उप संपादक येकाटेरिना कोटिरकाज़े और रेन टीवी की प्रोड्यूसर दारिया झुक ने स्लूत्सकी पर यौन दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं। रुस्तमोवा ने इन दोनों पत्रकारों को अपना समर्थन दिया है। स्लूत्सकी ने बीबीसी से कहा कि ये राजनीतिक साजिश है। "वे लोग इन्हें ऐसा लिखने को कह रहे हैं।" "लोग इस बात से नाखुश हैं कि विदेशी मामलों की समिति और उसके अध्यक्ष के अधिकार बढ़े हैं।"

संसद का बयान
रूस की निचली संसद का कहना है कि स्लूत्सकी का अपराध साबित नहीं हुआ है और उसने कथित पीड़ितों को संसदीय कमेटी में शिकायत दर्ज करने का सुझाव दिया है। एक रूसी अखबार को दिए बयान में निचली संसद के स्पीकर व्याचेसलव वोलोदिन ने कहा, "हम लोगों को राजनीति राजनेताओं पर छोड़ देनी चाहिए। हम लोग मामले को देखेंगे लेकिन हर कहानी के दो पक्ष होते हैं।"

उन्होंने यह भी कहा कि अगर महिला पत्रकारों को रूसी संसद की कवर करने में डर महसूस हो रहा है तो उन्हें कहीं और काम ढूंढना चाहिए। रुस्तमोवा फिलहाल संसदीय नैतिक समिति के सामने बयान देने की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि स्लूत्सकी ने कभी भी पिछले साल की घटना के लिए माफी मांगने के लिए संपर्क नहीं साधा। रूसी कानून यौन शोषण के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता है। 

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