रोम में नग्न मूर्तियों को ढकना, ईरान में चर्चा का मुद्दा बन गया है और सोशल मीडिया पर लोग इस पर जमकर चटखारे ले रहे हैं।
ईरान के राष्ट्रपति हसन रोहानी की इटली यात्रा के दौरान रोम में उनकी मुलाकात इटली के प्रधानमंत्री मातेओ रेंजी से होनी थी और मुलाकात की जगह निर्धारित हुई रोम का मशहूर कपिटलाइन म्यूजियम।
म्यूजियम में नग्न मूर्तियां हैं, जिन्हें ईरानी राष्ट्रपति की नजरों से बचाने के लिए ढका गया। माना गया कि कड़े इस्लामी कानून मानने वाले देश ईरान के राष्ट्रपति को इन्हें देखना गंवारा नहीं होता।
ईरानी राष्ट्रपति के भोज के दौरान वाइन भी नहीं परोसी गई। इस घटना पर ईरान में लोग जमकर व्यंग्य कस रहे हैं।
इटली और ईरान के बीच हुए 18.4 अरब डॉलर के समझौतों
फेसबुक पर कई ईरानियों ने इटली का शुक्रिया अदा करते हुए लिखा, "इस्लाम को बचाने के लिए इटली का बहुत शुक्रिया। आपने नग्न मूर्तियां ढककर इस्लाम को खतरे में पड़ने से बचा लिया।"
एक ट्विटर यूजर ने लिखा, "ईरान के साथ बड़े व्यापारिक सौदों की खातिर इटली के लोग इन मूर्तियों को तोड़ भी देते, तो अचरज न होता।" हसन रोहानी की इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच 18.4 अरब डॉलर के समझौतों पर दोनों देशों ने साइन किए। कई लोगों ने इस घटनाक्रम पर गुस्सा भी जताया।
एक ईरानी ट्विटर यूजर ने लिखा, "मूर्तियों को ढकना कतई मजाकिया नहीं था। यह दर्दनाक घटना थी। मुझे पता नहीं ऐसा करने से इटली की बेइज्जती हुई या हमारे देश की लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण था।"
ईरान ने नहीं की थी मूर्तियां ढकने की गुजारिश
हालांकि ईरानी अधिकारियों ने साफ किया कि मूर्तियां ढकने के लिए ईरान की तरफ से कोई निवेदन नहीं किया गया और यह इटली का फैसला था।
इटली में भी लोगों ने स्टेच्यू न्यूड नाम से हैशटैग के जरिए इस घटना पर अपनी राय रखी और इटली की संस्कृति दिखाने वाली कई नग्न मूर्तियों की फोटो, हसन रोहानी को संबोधित करते हुए शेयर की गईं।
एक ट्विटर यूजर ने लिखा, "रोम का निवासी होने के नाते मैं बेहद शर्मिंदा हूं। मूर्तियों को ढकना शर्मनाक है। एक विदेशी मेहमान की खातिर यह करना सांस्कृतिक खुदकुशी करने जैसा है।" रोहानी अपनी यूरोप यात्रा के दौरान इस वक्त फ्रांस में हैं।