प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को चार देशों की यात्रा के पहले पड़ाव बर्लिन पहुंच चुके हैं। अपने चार देशों की यात्रा पर पहले पड़ाव के तौर पर जर्मनी को चुनना भारत के लिए रणनीतिक तौर पर अलग ही मायने हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 4 देशों की यात्रा द्विपक्षीय संबंधों के साथ ही चीन को घेरने की कोशिश के तौर पर बेहद महत्वपूर्ण है।
पीएम अपनी यात्रा के पहले पड़ाव जर्मनी की राजधानी बर्लिन पहुंच चुके हैं। यहां वो जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल के साथ ही जर्मनी के राष्ट्रपति से भी मुलाकात करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोदी जर्मन चालंसर एंजेला मर्केल से भारत-जर्मनी अंतरसरकारी परामर्श (आईजीसी) के तहत वार्ता करेंगे। मोदी जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रैंक-वाल्टर स्टाइनमायर से भी मुलाकात करेंगे। नरेंद्र मोदी का ये जर्मनी का दूसरा दौरा है।
PM Narendra Modi reaches Berlin in Germany, this is his first stop in the 4-nation trip pic.twitter.com/wwsa2k8Xl8— ANI (@ANI_news) May 29, 2017
पीएम के जर्मनी दौरे में व्यापार और निवेश, सुरक्षा और आतंकवाद से मुकाबला, इनोवेशन और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, कौशल विकास, शहरी बुनियादी ढांचा, रेलवे और नागर विमानन, स्वच्छ उर्जा, विकास सहयोग, स्वास्थ्य और वैकल्पिक चिकित्सा पर जोर रहेगा।
ड्रैगन को चित करने के लिए 4 देशों की विदेश यात्रा पर हैं पीएम नरेंद्र मोदी
बता दें कि पीएम मोदी की जर्मनी यात्रा के पीछे चीन को घेरने का उद्देश्य भी छिपा है। दरअसल, पर्यावरण की सुरक्षा और पारर्दशिता में कमी दिखने पर जर्मनी ने ओबीओर को लेकर चीन का विरोध किया था। ऐसे में ओबीओआर की खिलाफत में जर्मनी को भारत एक मजबूत साझीदार मानकर चल रहा है।