यमन सरकार के प्रतिनिधि और विद्रोहियों के बीच गुरुवार से स्वीडन में शांति वार्ता शुरू होगी। इस बात की घोषणा संयुक्त राष्ट्र ने की है। संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधि मार्टिन ग्रिफिथ्स कार्यालय ने इस बात की जानकारी ट्वीट करके दी।
उन्होंने ट्वीट में लिखा, "संयुक्त राष्ट्र विशेष दूत बताना चाहते हैं कि 6 दिसंबर 2018 को स्वीडन में अंतर-यमनी राजनीतिक प्रक्रिया दोबारा शुरू होगी।" 12 लोगों का प्रतिनिधिमंडल यमन के विदेश मंत्री खालिद अल-यमनी के नेतृत्व में बुधवार को स्टॉकहोम पहुंच चुका है। जबकि सना से विद्रोही प्रतिनिधिमंडल एक दिन पहले ही यहां आया है।
2016 के बाद से यमन की सऊदी समर्थित सरकार और हूती विद्रोहियों के बीच यह पहली वार्ता है। तब 106 दिनों की वार्ता चली थी लेकिन उसके बाद भी युद्ध में कोई कमी नहीं आई। इस युद्ध में 1.4 करोड़ों लोग प्रभावित हो चुके हैं। इस बैठक में कैद किए गए लोगों और विद्रोहियों को लेकर बातचीत होगी।
हूतियों के खिलाफ सरकार की लड़ाई को जब से सऊदी अरब और उसके सहयोगियों का समर्थन मिला है, तब से अभी तक करीब 10 हजार लोगों को मारा जा चुका है। यह कहना है विश्व स्वास्थ्य संगठन का। संयुक्त राष्ट्र ने इसे दुनिया का सबसे बड़ा मानवीय संकट बताया है।