अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआई के साथ काम कर रही पूर्वी यूरोप की कुछ खुफिया एजेंसियों ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो कट्टरपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) को परमाणु हथियार बेचने की कोशिश कर रहा था। यह गिरोह पिछले पांच सालों में इसे बेचने की चार बार कोशिश कर चुका है। ऐसा माना जा रहा है कि इस गिरोह का संबंध रूस से हो सकता है।
यह चौंकाने वाला मामला इसी साल फरवरी में सामने आया जब तस्करों ने बड़ी मात्रा में सीजियम उपलब्ध कराने का दावा किया। यह एक रेडियोएक्टिव पदार्थ है जिसका इस्तेमाल विस्फोटक के रूप में किया जाता है। डील के दौरान तस्करों ने सीजियम की जो मात्रा बताई थी वह किसी शहर के कई इलाकों को धमाके से उड़ाने के लिए काफी थी।
वाशिंगटन पोस्ट में छपी एक खबर के मुताबिक यह डील मालदोवा के किसिनो शहर के एक रेस्टोरेंट में हो रही थी जिसमें विस्फोटक सामग्री उपलब्ध कराने के लिए करीब 73 करोड़ रुपये की मांग की गई थी। यह गिरोह विस्फोटकों की बिक्री के लिए इस्लामिक स्टेट जैसे आतंकी संगठन की तलाश में था। जांच अधिकारियों ने आशंका जताई है कि इस गिरोह की रूस की खुफिया एजेंसियों के साथ साठ गांठ हो सकती है।