अंटार्कटिक समुद्र में पाई जाने वाली सील की मदद से वैज्ञानिकों को समुद्र में पिघलने वाली बर्फ की चादरों के बारे में सटीक भविष्यवाणियां मिलेगी। ‘जिओफिजिकल रिसर्च लेटर्स जर्नल’ नामक एक पत्रिका में प्रकाशित निष्कर्षों के मुताबिक, वैज्ञानिकों ने दो सील प्रजातियों को लिया है, जो पश्चिमी अंटार्कटिका में कमजोर बर्फ की चादर के आसपास के तापमान और पानी के खारेपन के बारे में डेटा इकट्ठा करने के लिए डिवाइस की तरह काम करती करेंगी।
ब्रिटेन में ईस्ट एंग्लिया यूनिवर्सिटी (यूईए) की टीम दक्षिणी महासागर में अमुंडसेन सागर में गर्म, खारे और गहरे पानी का अध्ययन करने के तरीकों की जांच कर रही है। टीम का कहना है कि सील की मदद से बर्फ के तेजी से पिघलने के तापमान, लवणता (खारेपन) और गहराई को मापने के तरीके के बारे में और भी बेहतर तरीक से समझा जा सकेगा। इससे जलवायु परिवर्तन का प्रतिरूप तैयार करने और सटीक भविष्यवाणियां करने में मदद मिलेगी।