इस रिपोर्ट में सामने आई कुछ अहम बातें
- भूख से बेहाल कैदियों को इसलिए मार दिया गया क्योंकि वे जमीन खोदकर खाने लायक पौधे निकालने की कोशिश कर रहे थे।
- एक कैदी ने मकई चुरा ली। डर के मारे उसने मकई को मुंह में छिपा लिया लेकिन उसे इतना मारा गया कि उसकी मौत हो गई।
- वहां नियमित रूप से सार्वजनिक तौर पर कैदियों को मारा जाता है। इस दौरान बच्चे भी वहां मौजूद रहते हैं।
- वहां जानबूझकर कैदियों को भूखा रखा जाता है, ज्यादा काम करवाया जाता है और जबरन गर्भ गिरा दिए जाते हैं।
- एक सुरक्षा अधिकारी ने बंदी महिला के साथ बलात्कार किया, उसे पीटा और फिर उसकी योनि में लकड़ी का डंडा डाल दिया। कुछ दिन बाद महिला की मौत हो गई।
- रिपोर्ट में कहा गया है कि 'रोम समझौते में मानवता के खिलाफ किए जाने वाले जिन 11 अपराधों को शामिल किया गया है, उत्तर कोरियाई नेतृत्व के उनमें से दस जुर्म करने के सुबूत हैं। रंगभेद अकेला ऐसा जुर्म है जिसे करने के सुबूत नहीं मिले हैं।'
ग़ौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिमिनल कोर्ट इन्हीं 11 ग़ुनाहों की सुनवाई करता है।
एमनेस्टी इंटरनेशनल
थॉमस बरगेनथाल बताते हैं कि कुछ लोगों को तो ये सब सिर्फ इसलिए झेलना पड़ा कि उन्होंने दक्षिण कोरिया का एक रेडियो स्टेशन सुन लिया था, "यही उनका संगीन जुर्म था।" उत्तर कोरिया अपने यहां ऐसी कोई भी राजनीतिक जेल होने से इंकार करता रहा है।
लेकिन 2016 में एमनेस्टी इंटरनेशनल ने दावा किया कि इलाके की सैटेलाइट तस्वीरों में साफ नजर आता है कि न सिर्फ ऐसे कैंप हैं बल्कि उत्तर कोरिया का प्रशासन वहां मरम्मत का काम भी करवाता है। 2014 में संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट आने के बाद उत्तर कोरिया ने खबरिया एजेंसी रायटर्स को दिए एक बयान में कहा कि "वह साफ तौर पर पूरी तरह इन दावों को खारिज करता है।"
उत्तर कोरियाई नेतृत्व
ऐसे में थॉमस बरगेनथाल अपनी रिपोर्ट से क्या बदलाव आता देखते हैं?
"मैं बस यह चाहता हूं कि लोग इस रिपोर्ट को पढ़ें, मुझे उम्मीद है कि चीजें बेहतर हों। मेरा इरादा इस रिपोर्ट के जरिए कोई जंग छेड़ना नहीं है। अगर उत्तर कोरियाई नेतृत्व को लगे कि सारी दुनिया को पता चल गया है कि वहां क्या हो रहा है तो हो सकता है कि वे हालात बदलने के लिए कुछ करें।"
लेकिन थॉमस एक ऐसे काम में समय क्यों लगा रहे हैं जो उन्हें उनके दर्दनाक अतीत की याद दिलाए?
"मैं किस्मत से बच गया। लेकिन मेरे पिता और दादा-दादी नहीं बच सके। अब मुझे लगता है कि ये मेरी उनके प्रति जिम्मेदारी बनती है। ऐसे सभी लोग जो बचकर निकल गए, उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वे बाकी लोगों की रक्षा करें ताकि उन्हें वो ना भुगतना पड़े, जो हमने भुगता।"