सैमसंग के नए टेबलेट कंप्यूटर और ह्वावे के एक नए हैंडसेट एक्सेंड 2 के साथ मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस का आगाज हो गया है।
बार्सिलोना में हो रही मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस सालाना शो है जिसमें 1500 कंपनिया हिस्सा ले रही है। ह्वावे के एक्सेंड पी2 में 4.7 इंच का स्क्रीन है और 13 मेगा पिक्सल का कैमरा है।
ह्वावे का कहना है कि एक्सेंड पी2 दुनिया का सबसे तेज स्मार्ट फोन है जिस पर एलटीई 4 चिप की मदद से 4जी के तहत 150 मेगाबाइट प्रति सेकेंड की दर से आप डाउनलोड कर सकते हैं।
चीन की कंपनी ह्वावे का कहना है कि इस फोन में स्मार्ट टच फीचर है जिससे आप दस्तानों के साथ भी इस फोन के टच स्क्रीन को इस्तेमाल कर सकते हैं।
हालांकि इस फोन का स्क्रीन रेजोलूशन एलजी, नोकिया और एचटीसी फोन के मुकाबले कम है और ये फोन फुल एचडी वीडियो नहीं दिखा सकता।
बड़ा आयोजन
मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस को मोबाइल फोन का सबसे बड़ा आयोजन माना जाता है जहां कंपनियां अपना लोहा मनवाने की कोशिश करती है।
सैमसंग के इस नए टेबलेट में आठ इंच का स्क्रीन है और जिसका रिजोल्यूशन 189 पीपीआई (पिक्सल पर इंच) जिसका सीधा सा मतलब ये है कि इस टेबलेट का डिसप्ले ऐपल के आईपैड से बेहतर है।
सैमसंग के गैलेक्सी नोट 8.0 को एक मल्टी टास्किंग टेबलेट के तौर पर पेश किया गया है जिस पर एक समय में दो एप्लिकेश पर काम किया जा सकता है। साथ ही ये टेबलेट कलम और कागज़ के तौर भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
कोरियाई कंपनी का कहना है कि गैलेक्सी नोट 8.0 काफी हल्का है और इससे आप फोन भी कर पाएंगे। ये टेबलेट अप्रैल से जून के बीच यूरोप, दक्षिण कोरिया और चीन में सीमित संख्या में उपलब्ध होगा।
स्मार्ट होते स्मार्टफोन
स्मार्ट फोन वक्त के साथ साथ और स्मार्ट होते जा रहे हैं। आजकल के स्मार्टफोन में क्वॉड कोर प्रोसेसर हैं और इनमें 13 मेगापिक्सल तक का कैमरा लगा होता है। इतना ही नहीं दिखने में भी सभी स्मार्टफोन लगभग एक जैसे ही नजर आते हैं यानी बड़ा सा शीशे का स्क्रीन और उस पर कोई बटन नहीं।
जिसका सीधा सा मतलब ये हैं कि हर फ़र्क और हर खासियत को ज़ोर देकर बताना होगा। एक और खास फीचर है जो आजकल के फोन में आने लगा है वो है नीयर फिल्ड कम्यूनिकेशन।
इस तकनीक के तहत आप अपने मोबाइल का इस्तेमाल कर किसी खेल आयोजन में जा सकते हैं। आपको छपी हुई टिकट नहीं खरीदनी होगी और आपका मोबइल आपकी टिकट का काम करेंगा और पैसे आपके मोबाइल से कट जाएंगे।
ये तकनीक काफी समय से चर्चा में है और अब पता चलेगा कि लोग इस तरह की तकनीक को कितना इस्तेमाल करना चाहते हैं।
ऐपल आईओएस या गूगल एंड्रायड
मोबाइल वर्ल्ड में कांग्रेस में लांच हो रहे मोबाइल फोन के बीच सबसे बड़ी मारा मारी मोबाइल ओपरेटिंग सिस्टम के बाजार में तीसरा स्थान हासिल करने के लिए है।
एंड्रायड और आईओएस ओपरेटिंग सिस्टम बाज़ार के अधिकतम हिस्से पर कब्ज़ा रखते हैं। जिसका सीधा सा मतलब है कि बाकी हर किसी को इस दौड़ में बने रहने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है।
ऐसे में पिछले वर्षों में बाजार में अपनी हिस्सेदारी गंवाने वाली कंपनी नोकिया और ब्लैकबेरी की कोशिश होगी कि वो इस दौड़ में कोई स्थान हासिल कर सके।