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‘भगोड़े’ भारतीयों को झटका, ब्रिटेन ने निलंबित किया ‘गोल्डन वीजा’

Fri, 07 Dec 2018 05:23 AM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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भारत में धोखाधड़ी करके गोल्डन वीजा के जरिए ब्रिटेन में रहने और काम करने का अधिकार हासिल करने वाले भारतीय अमीरों को ब्रिटेन सरकार ने झटका दिया है। अब वह भारत में धोखाधड़ी करके ब्रिटेन में शरण नहीं ले पाएंगे। ब्रिटेन सरकार ने यह फैसला मनी लांडरिंग के खतरे को देखते हुए किया है। यूके ने प्रथम श्रेणी निवेशक वीजा की शुरुआत साल 2008 में की थी। यह भारत, चीन और रूस के अमीर लोगों का पसंदीदा रास्ता हुआ करता था। इन देशों के लोगों को ब्रिटेन में स्थायी तौर पर रहने का अधिकार मिल जाता था। 

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ब्रिटेन सरकार ने गुरुवार की आधी रात से इस वीजा को निलंबित कर दिया है। जिससे कि इस योजना के दुरुपयोग को रोका जा सकेगा। जिसमें मनी लांडरिंग और अपराध जैसे मामले शामिल हैं। एक सूत्र ने बताया, 'मुझे लगता है कि ब्रिटेन पर कई देशों द्वारा बनाए गए राजनयिक दबाव की वजह से यह फैसला लिया गया है। इन देशों में भारत भी शामिल है जिसने इंग्लैंड को धोखाधड़ी के आरोपियों को अपने देश आने से रोकने के लिए कहा था। स्क्रिपल स्कैंडल ने राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाल दिया था।' पूर्व रूसी एजेंट और उनकी बेटी को मार्च में जहर देने की घटना ने भी वीजा निलंबन का फैसला लेने पर विवश किया।

इस ममाले पर ब्रिटिश अधिकारियों का कहना है कि दुरुपयोग की चिंताओं के चलते यह टियर-1 निवेशक वीजा श्रेणी अगले साल इसे लेकर नए नियम बना लेने तक निलंबित रहेगी। गोल्डन वीजा की ब्रिटिश आव्रजन मंत्री कैरोलीन नोक्स ने कहा, ब्रिटेन ने हमेशा वैधानिक और असली निवेशक का स्वागत किया है। लेकिन हम स्पष्ट कर दें कि ऐसे लोगों को सहन नहीं किया जाएगा, जो नियमों से खेल रहे हैं। माना जा रहा है कि भारत में विभिन्न घोटालों व आपराधिक मामलों में वांछित तमाम उद्योगपतियों ने इसी व्यवस्था के जरिए ब्रिटेन में अपने लिए कानूनी हक हासिल किया हुआ है।
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ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अगले साल से लागू होने वाले नए नियमों में स्वतंत्र व नियामक ऑडिटरों को गोल्डन वीजा के लिए आवेदन करने वालों के आकलन का जिम्मा सौंपा जाएगा। गैर लाभदायक भ्रष्टाचार विरोधी संगठन ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल यूके ने इस कदम का स्वागत किया है।

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क्या है गोल्डन वीजा

इस योजना के जरिए कोई भी व्यक्ति 20 लाख पाउंड का निवेश ब्रिटेन में करने के बाद वहां रहने के लिए वीजा हासिल कर सकता था और 5 साल के बाद वहां अनिश्चितकाल तक अवकाश (आईएलआर) बिताने का हकदार बन जाता है। निवेश की रकम 50 लाख पाउंड होने पर आईएलआर की योग्यता 3 साल में ही मिल जाती है और 1 करोड़ पाउंड के निवेश पर निवेशक अपने परिवार के साथ दो साल में ही वहां अनिश्चतकाल तक रहने का हक हासिल कर लेता है।

इस कारण किया गया निलंबित
दरअसल ब्रिटिश गृह विभाग ने इस साल के शुरू में रूसी डबल एजेंट सर्गेई स्क्रिीपाल और उसकी बेटी यूलिया पर घातक रासायनिक हमले के बाद गोल्डन वीजा पाने वालों की जांच शुरू की थी। गृह विभाग ने तभी कहा था कि यह जांच मनी लांड्रिंग नेटवर्क को तोड़ने के लिए की जा रही है।

जमकर हो रहा उपयोग
76 भारतीय अमीरों ने इस वीजा का इस्तेमाल किया 2009 से अब तक
16 भारतीयों को 2013 में मिला इसका लाभ, जबकि 7 ने 2017 में लिया गोल्डन वीजा
1000 से भी ज्यादा गोल्डन वीजा लेने में चीनी व रूसी अमीर रहे 2017 में सबसे आगे
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