बलात्कार के आरोपों का सामना कर रहे इस्लामी विद्वान तारिक रमदान से फ्रांस की एक अदालत में आरोप लगाने वाली महिला के सामने पूछताछ की गई। बलात्कार पीड़ित महिला से अदालत में आठ घंटे से भी ज्यादा समय तक आमना-सामना कराया गया। रमदान सात महीने से हिरासत में है और उसने जमानत के लिए अर्जी दी है।
पिछले वर्ष ‘मी टू’ अभियान के तहत रमदान के खिलाफ बलात्कार के आरोप सामने आए थे, जिसके बाद उन्हें ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर का पद छोड़ना पड़ा था।
अक्सर ही टीवी पर कमेंटेटर के रूप में दिखने वाले रमदान स्विट्जरलैंड के नागरिक हैं। उनके दादा ने मिस्र में मुस्लिम ब्रदरहुड का गठन किया था। फरवरी में उन पर आरोप लगे थे उन्होंने साल 2009 और 2012 में होटलों में दो महिलाओं का बलात्कार किया।
स्थानीय मीडिया में रविवार को आई खबरों के मुताबिक स्विस अभियोजकों ने रमदान द्वारा साल 2008 में जिनेवा के एक होटल में एक महिला का बलात्कार करने के इन आरोपों की जांच शुरू की।
बुधवार को अदालत में उसका आमना-सामना एक अशक्त महिला से कराया गया, जिसने आरोप लगाया है कि रमदान ने वर्ष 2009 में फ्रांस के शहर लियॉन में उन पर हमला किया। (इनपुट:एएफपी)