पश्चिमी लंदन में छह साल की कैद की सजा पाए एक व्यक्ति के फरार हो जाने की खबर है। इस व्यक्ति को लहसुन तस्करी के आरोप में सजा दी गई थी जो चीन से ब्रिटेन में लहसुन की तस्करी करता था। मुरुगासन नटराजन और उनकी सहयोगी लक्ष्मी सुरेश को करीब बीस लाख पाउंड के आयात शुल्क की चोरी का दोषी पाया गया था।
इन दोनों ने सीमा शुल्क अधिकारियों को बताया था कि उनके पास ताजी अदरक है, जबकि सच्चाई ये थी कि ये लोग लाखों किलो लहसुन लेकर ब्रिटेन आ रहे थे। ब्रिटेन में ताजी अदरक पर सीमा शुल्क नहीं लगता।
जजों ने इस फर्जीवाड़े को 'चालाकीपूर्ण, स्थाई और लंबे समय से चल रहा' बताया। 57 वर्षीय नटराजन पिछले साल गिरफ्तार हुए थे और जमानत पर रिहा हुए थे। इस वजह से ये मुकदमा उनकी अनुपस्थिति में चला।
जुर्माना
नटराजन की सहयोगी सुरेश पर दस हजार पाउंड का जुर्माना लगाया गया है और साल भर की कैद की सजा सुनाई गई है। इस बीच राजस्व और सीमा शुल्क विभाग ने इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
राजस्व और सीमा शुल्क विभाग के अधिकारी पीटर मिलरॉय ने बताया, 'ऐसे करीब 100 कंटेनरों की पहचान की गई जिनमें गलत तरीके से वो चीजें रखी गई थीं, जिनकी जानकारी छिपाई गई थी।'
नटराजन की संपत्ति में से भी अधिकारियों ने करीब डेढ़ लाख पाउंड ज़ब्त किया है। नटराजन का साउथहाल में आयात और निर्यात का व्यापार है। इन लोगों ने लहसुन का आयात किया और फिर उसे स्टोर किया गया। बाद में इसे खुदरा क्षेत्र में बेच दिया गया।
कर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि चूंकि अदरक पर कोई कर नहीं लगता, इसलिए नटराजन और उनकी कंपनी ने इससे खूब पैसा बनाया।