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29 मार्च को तय होगा ब्रेग्जिट का भविष्य, देर रात के मतदान में बनेगी अगली रूपरेखा

Wed, 13 Mar 2019 08:10 PM IST
तिवारी अभिषेक वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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ब्रिटिश सांसदों द्वारा पीएम टेरीजा मे के ब्रेग्जिट समझौते पर संशोधित प्रस्ताव को पहले से भी बड़े अंतर के साथ खारिज करने के बाद बुधवार देर रात एक बार और संसद में मतदान होगा। यह मतदान इस बात को लेकर होगा कि 29 मार्च को ब्रिटेन बिना किसी समझौते के यूरोपीय संघ से बाहर हो या नहीं।

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मतदान इस पर भी फैसला होगा कि यदि सांसद बिना समझौते के यूरोपीय संघ (ईयू) से बाहर निकलने के लिए तैयार नहीं होते हैं तो ब्रेग्जिट को टाला जाय अथवा नहीं। यानी इस मतदान के बाद 29 मार्च को तय होगा कि ब्रिटेन का ईयू से बाहर निकलने (ब्रेग्जिट) का भविष्य क्या होगा?

यह दूसरा अवसर है जब ब्रिटिश सांसदों ने टेरीजा मे के ब्रेग्जिट प्रस्ताव को खारिज कर पीएम को बड़ा झटका दिया है। टेरीजा का मंगलवार देर रात संसद में रखा गया प्रस्ताव सांसदों ने 242 के मुकाबले 391 मतों से खारिज कर दिया जो इससे पहले जनवरी में खारिज ब्रेग्जिट प्रस्ताव से भी बड़ा अंतर था। यहां तक कि कंजर्वेटिव पार्टी के ही 75 सांसदों ने अपनी सरकार के विरोध में मतदान किया।
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लेबर पार्टी के कुछ सांसदों ने ङी अपनी पार्टी के रुख का समर्थन नहीं किया और टेरीजा सरकार को संसद में हार का सामना करना पड़ा। दो खेमों में बंटी ब्रिटिश संसद समस्या के हल का फार्मूला भी पेश नहीं कर पाई। यदि बुधवार देर रात तक संसद बिना किसी समझौते के ब्रेग्जिट को मंजूरी दे देती है तो ब्रिटेन के ईयू से बाहर निकलने की प्रक्रिया के लिए जरूरी अनुच्छेद-50 पर मतदान होगा। 

टेरीजा की मुश्किलें बढ़ीं

टेरीजा सरकार को समर्थन दे रहे टोरी सांसदों और डेमोक्रेटिक यूनियनिस्ट पार्टी के सांसदों ने ब्रेग्जिट पर सहयोग से इनकार करने के बाद पीएम की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सरकार के विरोध में खड़े समर्थक दलों के सांसदों का नेतृत्व कर रहे टोरी सांसद जेकब रीस मॉग ने कहा कि ब्रिटेन हमेशा के लिए ईयू से अलग हो जाए इसके लिए टेरीजा जिन कानूनी आश्वासनों की बात कर रही हैं वे अधूरे हैं। 

दोबारा आम चुनाव संभव

टोरी सांसदों के उपाध्यक्ष चार्ल्स बेकर ने कहा है कि बाद में होने वाले मतदान में यदि सरकार की हार हुई तो एक बार फिर से ब्रिटेन में आम चुनाव की नौबत आ सकती है। हालांकि उन्होंने कहा कि संसद में फिलहाल जो हालात हैं वह स्थायी नहीं हैं। जबकि अटार्नी जनरल जैफ्री कॉक्स ने कहा कि ब्रेग्जिट के बाद भी ईयू से बंधे होने के कानूनी खतरों में कोई बदलाव नहीं होने वाला है।
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यूरोपीय संघ ने दी चेतावनी

यूरोपीय संघ ने ब्रिटिश संसद में ब्रेग्जिट प्रस्ताव के परिणाम पर खेद जताया और कहा कि वे जिद पर अड़े सांसदों का वोट जीतने में टेरेजा मे की आगे कोई मदद नहीं कर पाएंगे। अगर ब्रिटिश संसद यूरोपीय संघ के साथ हुए समझौते को मंजूर करने में विफल रहती है और इस पर ईयू और अधिक समय देने के लिए तैयार नहीं होता है तो ब्रिटेन 29 मार्च को यूरोपीय संघ से बिना किसी समझौते के बाहर हो जाएगा। हालांकि, यूरोपीय संघ का कहना है कि वह ब्रिटेन को और समय देने पर विचार कर सकता है।
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