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यूरोपीय संसद ने ब्रिटेन से की ईयू छोड़ने की प्रक्रिया शुरू करने की अपील

Sun, 26 Jun 2016 10:38 PM IST
एजेंसी/ बर्लिन/ लंदन
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- फोटो : Reuters
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यूरोपीय संसद प्रमुख मार्टिन शुल्ज ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन से इस सप्ताह होने वाले एक शिखर सम्मेलन में ब्रिटेन के ईयू (यूरोपीय संघ) छोड़ने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू करने को कहा है।
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ब्रिटेन के जनमत संग्रह के नतीजे पर चर्चा के लिए यूरोपीय संसद मंगलवार और बुधवार को एक शिखर सम्मेलन आयोजित करेगा। यूरोपीय संसद विशेष सत्र का भी आयोजन करेगा। मार्टिन शुल्ज ने जर्मन अखबार बिल्ड एएम सोन्नताग से कहा कि ब्रेग्जिट के अधर में लटके रहने से असुरक्षा ही बढ़ेगी और नौकरियों के लिए खतरा पैदा होगा।

उन्होंने कहा कि ब्रिटेन के रूढ़िवादियों की पार्टी की रणनीति को अनुकूल बनाने के लिए सिर्फ संशय बनाए रखने से हर किसी को चोट पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि मंगलवार को होने वाले शिखर सम्मेलन में ब्रिटेन के ईयू से अलग होने की प्रक्रिया शुरू करने का ठीक समय है। यूरोपीय संसद के चार बड़े समूहों ने ब्रेग्जिट को लेकर प्रस्ताव का मसौदा भी तैयार कर लिया है।
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इसमें कैमरन से ब्रिटेन के ईयू छोड़ने की प्रक्रिया मंगलवार को शुरू करने को कहा गया है। इन समूहों ने कहा कि ईयू की अखंडता को बनाए रखने और सभी के लिए नुकसानदायक अनिश्चितता से बचने के लिए यह बेहद अहम है।

इससे पहले शुक्रवार को कैमरन ने कहा था कि ब्रिटेन के ईयू छोड़ने के पक्ष में जनमत संग्रह आने पर वह अक्टूबर तक अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। साथ ही ब्रेग्जिट पर बातचीत की जिम्मेदारी अपने उत्तराधिकारी को सौंप देंगे। ईयू छोड़ने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए ब्रिटेन को ईयू की लिस्बन संधि के अनुच्छेद-50 का आह्वान करना होगा।

इससे पहले इसका आह्वान कभी नहीं किया गया। पहले चरण में यूरोपियन काउंसिल के सदस्य देशों को इसकी जानकारी देनी होगी, जो ईयू छोड़ने की दो साल की प्रक्रिया को निर्धारित करेंगे।
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यूके से बाहर होना चाहता है स्कॉटलैंड

स्कॉटलैंड की फर्स्ट मिनिस्टर निकोला स्टर्जन ने रविवार को कहा कि 2014 में स्कॉटलैंड ने यूके साथ बने रहने के पक्ष में जो मत दिया था वह अब मायने नहीं रखता है।

उन्होंने बीबीसी के एक शो में कहा कि स्वतंत्रता के लिए दूसरा जनमत संग्रह जल्द होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह 2014 के जनमत संग्रह जैसा नहीं होगा। परिप्रेक्ष्य और परिस्थितियों में नाटकीय बदलाव आया है। संडे टाइम्स के पैनलबेस सर्वे के अनुसार, 52 फीसदी लोगों ने कहा कि वे ब्रिटेन से अलग होना चाहते हैं जबकि 48 फीसदी ब्रिटेन के साथ रहना चाहते हैं।

स्टर्जन ने कहा कि यूके के साथ जो होने जा रहा है वह काफी नुकसानदायक है। मैं स्कॉटलैंड को इससे सुरक्षित रखना चाहती हूं।

Published By Rahul Sankrityayan
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