ब्रितानी वैज्ञानिक डॉक्टर क्लेयर गेस्ट एक ऐसे शोध का नेतृत्व कर रही हैं जिसमें इस बात को परखा जा रहा है कि क्या सांस के परीक्षण से कैंसर का पता लगाया जा सकता है।
‘मेडिकल डिटेक्शन डॉग’ संस्था की मुख्य कार्यकारी डॉक्टर गेस्ट अब कुत्तों को खास ट्रेनिंग दे रही हैं ताकि वे अन्य कैंसरों को भी सूंघ कर बता सकें।
गेस्ट का कहना है कि एक कुत्ते ने ही उन्हें ख़बरदार करना शुरू कर दिया और बाद में उन्हें स्तन कैंसर निकला जिसका पता शुरुआती दौर में लग गया था।
अब न सिर्फ डॉक्टर गेस्ट की तबीयत में सुधार है बल्कि वो कुत्तों को प्रशिक्षण देकर इस काबिल बनाने की कोशिश कर रही है कि वो सांस के नमूने से इस भयानक बीमारी का पता लगा लें। उन्हें ये भी उम्मीद है कि आगे चलकर कोई इलेक्ट्रिक नाक भी विकसित की जा सकती है।
कुत्तों की खूबी
ब्रिटेन में मेडिकल डिटेक्शन डॉग संस्था को 2004 में स्थापित किया गया था और ये वहां शोधकर्ताओं, एनएचएस ट्रस्टों और विश्वविद्यालयों के साथ काम कर रही है। मेडिकल विषयों की पत्रिका लांसेट में डॉक्टर जॉन चर्च ने दावा किया था कि कुत्ते ब्लेडर कैंसर का पता लगा सकते हैं।
डॉक्टर गेस्ट कहती हैं कि ऐसे मामले की संख्या कुछ समय से बढ़ रही है जबकि कुत्ते ने मालिक में कैंसर की बीमारी होने का पता लगाया।
वो बताती हैं, “पहले हमने सोचा कि कुत्ते ऐसा सिर्फ संगोयवश कर पा रहे होंगे और फिर शायद हमने सोचा कि हम उन्हें इस काम को विश्वसनीयता के साथ करने के लिए ट्रेन कर सकते हैं।”
इस संस्था ने कुत्तों के साथ काम करना शुरू किया और अब वे नियंत्रित नमूनों में से कैंसर के नमूनों को पहचान सकते हैं, हालांकि ये शोध मुख्य रूप से ब्लेडर और प्रोस्टेट कैंसर तक ही सीमित है।
अब कुत्तों को स्तन कैंसर का पता लगाना भी सिखाया जा रहा है।