रूस ने आखिरी शीत युद्ध के समय के लगभग 40 हजार रासायनिक हथियारों को बुधवार को पूरी तरह से खत्म कर दिया। रूसी अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय रासायनिक हथियारों की निगरानी संस्था ने इसकी पुष्टि की है। बुधवार को ही पुतिन ने इसका आदेश दिया था।
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लैव्रोव ने कहा कि रासायनिक हथियार जैसे घातक हथियारों की पूरी खेप को खत्म करने के अपने वायदे को रूस ने पूरा कर दिया है। रूस ने लगभग 40 हजार टन हथियारों को समय से पहले खत्म कर दिया।
रासायनिक हथियार की रोकथाम के संगठन (ओपीसीडब्ल्यू) के प्रमुख अहमत उजुम्सू ने रूस की इस घोषणा की तारीफ की। उन्होंने कहा कि रूस के रासायनिक हथियारों का खात्मा पूरा होना रासायनिक हथियारों की रोकथाम के लक्ष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।
पढ़ें- पुतिन बोले- 'ट्रंप मेरी दुल्हन नहीं और न मैं उनका दूल्हा'
ओपीसीडब्ल्यू के अनुसार, रासायनिक हथियारों का शेष भंडार यूराल पर्वत में स्थित किजनर फैसिलिटी में नष्ट किया गया। रूसी राष्ट्रपति ने सीडब्ल्यूसी दायित्वों का निर्वहन करते हुए 2020 तक रासायनिक हथियारों को खत्म करने की बात कही थी जो कि समय से पहले पूरा कर लिया गया है।
इसकी प्रशंसा करते हुए रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने कहा कि हम कह सकते हैं कि यह यकीनन एक ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने कहा कि आधुनिक विश्व को अधिक संतुलित और सुरक्षित बनाने की दिशा में यह बहुत ही बड़ा कदम है।
पुतिन ने याद करते हुए कहा कि रासायनिक हथियार समझौते (सीडब्ल्यूसी) पर हस्ताक्षर करने वाला रूस पहला देश था। उन्होंने कहा कि रूस ने अपने अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों को पूरा किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि रासायनिक हथियारों का भंडार पृथ्वी पर मानव जीवन को कई बार नष्ट कर सकता है।
पुतिन ने अमेरिका पर साधा निशाना
अपने आदेश के दौरान पुतिन ने रासायनिक हथियारों की खेप को खत्म करने के अपने वादे को पूरा न करने के लिए अमेरिकी की जमकर आलोचना भी की। ब्लादिमीर पुतिन ने कहा कि अमेरिका ने 2023 तक रासायनिक हथियारों की खेप को खत्म करने का वादा किया था। हालांकि जब रासायनिक हथियारों को नष्ट करने के लिए समय सीमा की बात आ रही है तो वह अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं कर रहा है।