ब्रिटेन के एक सांसद ने कुछ ब्रिटिश-पाकिस्तानी मूल के व्यक्तियों की उस प्रवृत्ति की आलोचना की है, जो मंदबुद्धि और अपाहिज बेटों को पैदा करने के लिए विदेश से दुल्हन ला रहे हैं। लेबर सांसद जेस फिलिप्स ने कहा कि एक ट्रस्ट के शोध में पाया गया कि ऐसी प्रवृत्ति में पाकिस्तानी, बांग्लादेशी और भारतीय मूल की बड़ी आबादी लिप्त है।
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बकौल फिलिप्स, इस तरह के कई मामले सामने आए हैं। महिलाओं को लेकर पाकिस्तानी और बांग्लादेशी समुदाय के लोगों का यह बर्ताव स्वीकार नहीं है। यह सच है। यकीनन इसमें सभी शामिल नहीं है। लेकिन मेरी किताबों में इस तरह के कई मामले हैं।
मानसिक रूप से कमजोर लोगों को सिखाने का काम करने वाली एन क्राफ्ट ट्रस्ट के अनुसार ब्रिटिश एशियाई लोगों की यह बड़ी गंभीर समस्या है कि वे उसकी सहमति के बगैर ऐसे लोगों की शादी कर देते हैं। सरकार को ऐसे दस फीसदी मामलों की सूचना मिली है।
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ट्रस्ट ने एक शोध में पाया कि ऐसी प्रवृत्ति में पाकिस्तानी, बांग्लादेशी और भारतीय मूल की बड़ी आबादी लिप्त है। इस मामले पर काम करने वाली नॉटिंघम यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर रशेल क्लावसन का कहना है कि इन परिवारों को लगता है कि वे बेटे या बेटी के लिए अच्छा कर रहे हैं। इससे उन्हें उनकी देखरेख करने वाली मिल जाती है।