ब्रिटेन सरकार अपने यहां राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) में डॉक्टरों की कमी को देखते हुए भारतीय डॉक्टरों के लिए वीजा नियमों को आसान बनाने जा रही है। अमेरिकी गृह मंत्री साजिद जावेद शुक्रवार को यूके की वार्षिक वीजा सीमा 20,700 से यूरोपीय यूनियन (ईयू) के बाहर के देशों से डॉक्टरों और नर्सों को बाहर रखने औपचारिक घोषणा करेंगे।
जावेद ने इस महीने की शुरुआत में इस मुद्दे की समीक्षा करने का वादा किया था। इस घोषणा के हिस्से के रूप में जावेद द्वारा कंपनियों को गैर ईयू देशों से उच्च कुशल पेशेवरों की नियुक्ति की अनुमति के लिए टीयर 2 वीजा श्रेणी को व्यापक रूप से आसान बनाने की घोषणा की उम्मीद है। विशेष पेशेवरों की कमी को दूर करने लिए मासिक सीमा बढ़ाई जा सकती है।
यह कदम ब्रिटिश एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन ऑफ इंडियन ओरिजिन (बीएपीआईओ) समेत देश भर के हेल्थकेयर समूह के कोशिशों के बाद उठाया जा रहा है। बीएपीआईओ के अध्यक्ष डॉ. रमेश मेहता ने कहा, ‘यह जीत का पहला कदम है। हम इस बारे में विस्तृत जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।’ मालूम हो कि एनएचएस इंग्लैंड में इस साल फरवरी में डॉक्टरों के करीब 10 हजार और नर्सों के 35000 पद रिक्त थे।
सालाना 20,700 लोग पा सकते हैं वीजा
टायर-2 कैटेगरी में तय सलाना सीमा में कंपनियां यूरोपियन यूनियन से बाहर के 20,700 पेशवर लोगों या एक महीने में अधिकतम 1,600 पेशेवर लोगों को ही रख सकती है। ब्रिटिश मेडिकल असोसिएशन काउंसिल ने भी इमीग्रेशन सिस्टम को सुधारने की मांग की थी।
गैर- यूरोपीय डॉक्टरों के 2360 आवेदन अस्वीकृत
हाल के आंकड़ों के अनुसार पिछले कुछ महीनों में गैर यूरोपीय डॉक्टरों के 2360 वीजा आवेदन खारिज किए गए हैं। इनमें से अधिकतर डॉक्टर भारत से संबंधित हैं। मई महीने में आई एक रिपोर्ट के अनुसार स्किल्ड वर्करों को वीजा जारी करने की सालाना सीमा तय करने का सबसे ज्यादा असर भारतीय पेशवरों पर पर पड़ रहा है। ब्रिटेन में इंजीनियर, आईटी प्रोफेशनल, डॉक्टर और टीचर्स समेत 6080 कुशल कामगारों को दिसंबर 2017 के बाद से वीजा नहीं दिया। इसमें भारतीय भी शामिल हैं।