क्या किसी भी टूटी हुई हड्डी को जुड़ने में छह साल का समय लग सकता है? ब्रिटेन के रहने वाले टिम ब्लैकबर्न को अपने हाथ की टूटी हुई हड्डी को जुड़वाने के लिए छह साल का इंतजार करना पड़ा।
लेकिन किस्सा यहीं खत्म नहीं होता। एक हफ्ते बाद फिर उनकी उसी हाथ की हड्डी टूट गई।
वैसे तो टूटे हुए हाथ को जोड़ने के लिए प्लास्टर या खपच्ची का इस्तेमाल होता है लेकिन संडरलैंड रॉयल हॉस्पिटल में सर्जन गेविन दी किविएट के मुताबिक ब्लैकबर्न ब्रिटेन के उन 50,000 मरीज़ों में से एक हैं जिनकी हड्डिया इन तरीकों से ठीक नहीं होतीं।दरअसल साल 2007 में टिम सीढ़ियों से गिर गए और उनकी दाँए हाथ की हड्डी तीन जगह से टूट गई।
नई तकनीक
लंबे समय तक उन्होंने अलग-अलग तरीके का इलाज किया, इसके बावजूद उनका हाथ ठीक नहीं हो रहा था लेकिन जैसे ही उनकी हड्डी जोड़ने के लिए अल्ट्रासाउंड उपकरण का इस्तेमाल किया गया उनमें सुधार हुआ और उनका हाथ जुड़ गया। इस तकनीक को हाल ही में ब्रिटेन की सरकारी स्वास्थ्य सेवा यानी नेशनल हेल्थ सर्विस ने स्वीकृति दी है।
एनएचएस ने एक्सोजन अल्ट्रासाउंड बोन हीलिंग सिस्टम यानि अल्ट्रासाउंड के जरिए हड्डियों को जोड़ने वाली इस प्रणाली को जनवरी महीने में स्वीकृति दी है।
नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ एंड केयर एक्सिलेंस के अनुसार इस तकनीक के जरिए अल्ट्रासाउंड तरंगें निकलती हैं जो इलाज में मदद करती हैं। इन तरंगों की मदद से हड्डियों के विकास और प्रोटीन को बढ़ावा मिलता है जो पुरानी हड्डियों को हटाते है और नई हड्डियों का विकास करने में मदद करते है।
सालों बाद अप्रैल महीने में ब्लैकबर्न बिना किसी दर्द के अपने बाँए हाथ का इस्तेमाल कर पा रहे थे।
उनका कहना था, ''ये अविश्वसनीय है, मुझे इससे काफी राहत मिली है। बिना किसी दर्द के अपने हाथ को हिला पाना, ये मेरे लिए अविश्वसनीय है।''
दोबारा हादसा
कई सालों बाद मिली इस राहत का जश्न वो मना ही रहे थे कि एक हफ्ते बाद ही उनके साथ फिर हादसा हो गया।
उनका कहना था, ''मेरा कुत्ता इस बात को लेकर उत्साहित था कि वो बाहर जा रहा है, वो मेरे पीछे से भागा और मैं सीढ़ियों की रेलिंग के जा टकराया और मेरा हाथ फिर उसी जगह से टूट गया।''
ब्लैकबर्न ने कहा , ''एक टहनी के टूटने की आवाज़ आई, मैं समझ गया। वो काफी दर्दनाक था।''
उन्होंने कहा कि वे अपने हाथ का इलाज करवाने के लिए फिर से अल्ट्रासाउंड तकनीक का इस्तेमाल करेंगे। साथ ही उनका कहना था कि दोबारा चोट लगने के बावजूद वे हार नहीं मानेंगे।