ब्रेक्जिट के मुद्दे पर फिलहाल घमासान थमता दिखाई नहीं दे रहा है। ब्रेक्जिट समझौते पर 25 नवंबर को होने वाले संभावित सम्मेलन से पहले ब्रिटिश पीएम टेरीजा मे को बृहस्पतिवार को तगड़ा झटका लगा। उनकी कैबिनेट के चार मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
सबसे पहले भारतीय मूल के मंत्री शैलेष वारा ने अपने पद से इस्तीफा दिया। इसके बाद ब्रिटेन के ब्रेक्जिट मंत्री डोमिनिक राब ने भी इस्तीफा दे दिया। वारा और राब के इस्तीफे के कुछ घंटे के भीतर ही दो जूनियर मंत्रियों इस्थेर मैकवे और सुएला ब्रेवरमैन ने भी इसी मुद्दे पर इस्तीफा दे दिया।
राब ने कैबिनेट से इस्तीफा देते हुए कहा कि यूरोपीय संघ से बाहर निकलने के समझौते को लेकर उन्हें ‘पक्का इस्तीफा देना चाहिए।’ राब ने अपने इस्तीफे में लिखा है, ‘घोषणापत्र में हमने देश से जो वादे किए थे, उसके बाद में प्रस्तावित सौदे की शर्तों पर समझौता नहीं कर सकते हैं। टेरीजा की कैबिनेट से बृहस्पतिवार को यह दूसरा इस्तीफा है।
इससे पहले उत्तरी आयरलैंड के मंत्री शैलेश वारा ने भी समझौते पर असहमति जताते हुए पद से इस्तीफा दे दिया। वारा ने प्रस्तावित ब्रेक्जिट समझौते के कारण पद से इस्तीफा दे दिया। अपने इस्तीफे में वारा ने लिखा है, ‘यह समझौता ब्रिटेन को आधे में छोड़ रहा है। इसमें कोई समय सीमा तक नहीं है कि हम फिर कब से संप्रभु राष्ट्र बनेंगे। दोनों मंत्रियों ने अपना इस्तीफा ट्विटर पर सार्वजनिक किया है।
इससे पहले टेरीजा ने बुधवार को कहा था कि यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ ब्रेक्जिट समझौते पर बने गतिरोध के संबंध में अपने कैबिनेट सहयोगियों से घंटों की बातचीत के बाद अब उन्हें सभी का साथ मिल गया है। टेरीजा पहले ही कह चुकी हैं कि वह कोई भी फैसला देशहित में ही लेंगी। ऐसा कोई भी कदम जिससे देश को नुकसान हो वह नहीं उठाने वाली हैं और न ही देश के बंटवारे का घातक कदम वह उठाएंगी।