उत्तरी इंग्लैंड के सालफोर्ड के एकल्ज के रहने वाले सैंतालीस वर्षीय राहत कर्मी एलन हेनिंग पेशे से टेक्सी ड्राइवर थे जिन्होंने सीरिया में मदद पहुंचाने के लिए गाडियां तक धोईं थी।
जब वे सीरिया के लिए राहत सामग्री लेकर निकले थे तब उन्होंने कहा था, "यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि मदद सही हाथों में पहुंच रही है।"
लेकिन उनके धर्मार्थ कार्यों ने उन्हें इस्लामिक स्टेट के हाथों में पहुंचा दिया था। 2013 में 27 दिसंबर को राहत सामग्री लेकर सीरिया में दाखिल होने के आधे घंटे के भीतर ही उन्हें अगवा कर लिया गया था।
उनके साथ गए अन्य ब्रितानी मुस्लिम नागरिकों को छोड़ दिया गया था और उन्हें जासूसी के आरोप में पकड लिया गया था। इस्लामिक स्टेट उन्हें जासूस तो साबित नहीं कर सका लेकिन छोडा भी नहीं।
हालांकि उनके अपहरण को अगले नौ महीनों तक सार्वजनिक नहीं किया गया था। अगवा किए जाने से पहले वे राहत सामग्री पहुंचाने के लिए तीन बार सीरिया गए थे।
अंतिम बार सीरिया के लिए निकलने से पहले उन्होंने बीबीसी न्यूज से कहा था, "मैं खुद मुसलमान नहीं हूं लेकिन शरणार्थी शिविरों ने मेरा जीवन बदल दिया है और मुझे वापस लौटकर मदद पहुंचाने के लिए मजबूर किया है।"
उन्होंने कहा था कि वे बीमार हैं और बहुत लंबे समय तक उन्हें मदद करने का मौका नहीं मिल सकेगा।
वे तीन हजार मील से लंबी सडक यात्रा कर तुर्की के रास्ते सीरिया में दाखिल हुए थे। अगवा किए जाने के वक्त वे दवाइंया, चिकीत्सीय उपकरण, बच्चों के लिए दूध के पैकेट आदि राहत सामग्री लेकर जा रहे थे।