इटली की एक अदालत ने सोमवार को अगस्ता वेस्टलैंड मामले में हथियार कंपनी फिनमेक्निक के पूर्व अध्यक्ष ग्यूसेप ओर्सी को दोष मुक्त कर दिया। उन पर वीवीआईपी हेलीकाप्टर सौदे में 450 करोड़ रुपये घूस देने संबंधी आरोप था।
केस के दूसरे आरोपी अगस्ता वेस्टलैंड के सीईओ ब्रूनोस्पग्नोलिनी को भी बरी कर दिया गया है। फिनमेक्निक अगस्ता की पैरेंट कंपनी है। 2010 में 3600 करोड़ रुपये में 12 हेलीकाप्टरों की खरीद का समझौता हुआ।
सौदे में भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद इन दोनों अधिकारियों पर इटली में केस दर्ज किया गया था। ओर्सी को 2014 में गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद उन्होंने कंपनी से इस्तीफा दे दिया था। बाद में इस ग्रुप का नाम लिर्योनाडो हो गया।
जब यह सौदा हुआ तब ओर्सी अगस्ता में शीर्ष पद पर थे और उन पर घूस देने में शामिल होने का आरोप था। उन्हें भ्रष्टाचार के मामले में साढ़े चार साल की सजा भी सुनाई गई थी। भारत मे इस केस में दिसंबर, 2016 में पूर्व वायुसेना अध्यक्ष एसपी त्यागी को भी गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें जमानत मिल गई।
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आरोप है कि त्यागी ने अगस्ता को यह सौदा दिलाने के लिए खरीद नियमों में ढील दी थी। सीबीआई के मुताबिक इस सौदे से भारत सरकार को 2666 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इन 12 वीआईपी हेलीकाप्टरों का इस्तेमाल देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत दूसरे वीवीआईपी की सवारी के लिए होना था।