कुछ बड़ी कॉस्मेटिक कंपनियां इंसानी कोशिकाओं और स्पेशलाइज्ड थ्री डी मशीन के जरिय मानव त्वचा बनाने का प्रयास कर रही हैं। इसे बायोप्रिटिंग का नाम दिया गया है और अगले कुछ सालों में इसके जरिए इंसान की त्वचा को विशेष प्रिंटर द्वारा बनाया जा सकेगा।
फिलहाल ओ लौरेल जैसी बड़ी कॉस्मेटिक कंपनी ने इस तरफ पहला कदम बढ़ाया है। लोरेल ने यूएस बायोटेक ओरगेनोवो के साथ मिलकर इस थ्री डी प्रिंटर पर काम शुरु किया है।
लौरेल पहले भी कई सालों से मानव त्वचा का विकल्प बनाने की दिशा में काम कर रहा था लेकिन इस प्रिंटर से वो ज्यादा तादाद में मानव त्वचा उपलब्ध करा पाएगा।