यूरोपीय संघ न्याय न्यायालय (सीजेईयू) ने मंगलवार को यूजर डाटा जुटाने और निजता के उल्लंघन से जुड़े मामले में मेटा को बड़ा झटका देते हुए यूरोपीय संघ (ईयू) के प्रतिस्पर्धा नियामक के उस फैसले का समर्थन किया है, जिसमें फेसबुक, इंस्टाग्राम व वॉट्सएप के स्वामित्व रखने वाले मेटा इंक को कहा गया था कि एंटीट्रस्ट (प्रतिस्पर्धा नियामक) अधिकारी गोपनीयता उल्लंघन से जुड़े मामलों के आकलन करने का अधिकार भी रखते हैं।
मेटा ने 2019 में जर्मन कार्टेल कार्यालय के एक फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें मेटा से उपयोगकर्ताओं का डाटा उनकी सहमति के बिना एकत्र करना बंद करने को कहा गया था। जर्मन नियामक ने मेटा की इस प्रथा को बाजार में शक्ति का दुरुपयोग कररा दिया था। यूरोपीय संघ के लक्जमबर्ग स्थित कोर्ट ऑफ जस्टिस ने कहा कि जर्मन एंटीट्रस्ट एजेंसी ने डाटा सुरक्षा चिंताओं को दूर करने के लिए अपनी एंटीट्रस्ट शक्ति का उपयोग कर अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन नहीं किया है, बल्कि राष्ट्रीय डाटा सुरक्षा अधिकारों के तहत उचित कार्रवाई की है।
ईयू गेटकीपर बनेंगी अमेजन, गूगल, एपल, मेटा और माइक्रोसॉफ्ट
ब्रुसेल्स। यूरोपीय कमीशन की तरफ से लागू किए गए डिजिटल मार्केट एक्ट (डीएमए) के तहत अमेजन, गूगल, एपल, मेटा और माइक्रोसॉफ्ट ने खुद को ईयू गेटकीपर के स्टेटस के लिए पात्र घोषित किया है। यूरोपीय संघ के व्यापार प्रमुख थिएरी ब्रेटन ने मंगलवार को बताया कि पिछले वर्ष नवंबर में लागू किए गए डीएमए के तहत 4.5 करोड़ सक्रिय मासिक उपयोगकर्ता और 75 अरब यूरो या इससे ज्यादा का कारोबार करने वाली कंपनियों को कोर प्लेटफॉर्म मुहैया कराने के लिए गेटकीपर का स्टेटस दिया जाएगा।
नियमों के उल्लंघन पर 10% जुर्माना
गेटकीपर दर्जा प्राप्त कंपनियों को अपने ऐप को प्रतिद्वंद्वियों के साथ इंटरऑपरेट करना होगा। डीएमए के उल्लंघन पर इन कंपनियों पर वैश्विक कारोबार का 10% तक जुर्माना लगाया जा सकता है।