ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का अंतिम संस्कार वेस्टमिंस्टर एबे में सोमवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इस दौरान दुनियाभर से आए नेता भी मौजूद रहे। वहीं एक रिपोर्ट के अनुसार, अनुमानित रूप से 250,000 से अधिक लोगों ने ब्रिटिश महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के अंतिम दर्शन किए। बता दें कि महारानी के ताबूत को अंतिम संस्कार से चार दिन पहले सार्वजनिक देखने के लिए लंदन के वेस्टमिंस्टर हॉल में रखा गया था।
महारानी का 96 वर्ष की आयु में 8 सितंबर को स्कॉटलैंड में उनके बाल्मोरल एस्टेट में निधन हो गया था। वेस्टमिंस्टर हॉल में रानी के ताबूत को देखने के लिए बुधवार देर रात से सोमवार सुबह 6.30 बजे तक लोगों की कतार 24 घंटे लगी रही। दुनियाभर से लोग महारानी के अंतिम दर्शन करने लंदन पहुंच रहे थे।
बहुत भीड़ थी महारानी के अंतिम संस्कार में
लंदन मेयर के कार्यालय के मुताबिक 80,000 के करीब हाइड पार्क में 75000 हजार के करीब लोग वहां मौजूद थे जो स्थान औपचारिक रूप से अंतिम संस्कार देखने के लिए बनाए गए थे साथ ही 60,000 लोग साउथ कैरिज ड्राइव पर मौजूद थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल मिलाकर लोगों की संख्या बहुत अधिक थी क्योंकि विंडसर के पूरे मार्ग पर भीड़ जमा हो गई थी।
पति के बगल में दफनाया गया रानी को
महारानी के ताबूत के आसपास उनके बेटे और किंग चार्ल्स पीछे मौजूद थे। महाराजा के साथ उनके बेटे प्रिंस विलियम और प्रिंस हैरी और भाई-बहन प्रिंसेस एनी और प्रिंस एंड्रयू तथा प्रिंस एडवर्ड थे। अंतिम दर्शन करने वालों की लिस्ट में फुटबॉलर डेविड बेकहम भी थे। वहीं महारानी को सेंट जॉर्ज चैपल में सोमवार शाम उनके पति प्रिंस फिलिप के बगल में दफनाया गया।
दुनियाभर से आए थे 500 नेता
सोमवार को लंदन के वेस्टमिंस्टर एबे में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन समेत दुनियाभर के करीब 500 नेता और शाही परिवार के लोग थे।