इंडोनेशिया की भूवैज्ञानिक एजेंसी ने बयान में कहा कि मंगलवार दोपहर को 10,000 मीटर ऊंचे घने भूरे बादल दर्ज किए गए। ज्वालामुखी पर्वत पर सामान्य दैनिक 8 से 10 गतिविधियां होती हैं, जबकि दो घंटे में 50 ज्वालामुखी गतिविधियां दर्ज की गईं।
दक्षिण-मध्य इंडोनेशिया में मंगलवार को माउंट लेवोटोबी लाकी-लाकी ज्वालामुखी में विस्फोट हो गया। इसके बाद आसमान में गर्म राख के विशाल गोले हवा में फैलने लगे। अधिकारियों ने खतरे के क्षेत्र को क्रेटर से 8 किमी तक बढ़ाते हुए विस्फोट की उच्चतम स्तर की चेतावनी जारी की।
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इंडोनेशिया की भूवैज्ञानिक एजेंसी ने बयान में कहा कि मंगलवार दोपहर को 10,000 मीटर ऊंचे घने भूरे बादल दर्ज किए गए। ज्वालामुखी पर्वत पर सामान्य दैनिक 8 से 10 गतिविधियां होती हैं, जबकि दो घंटे में 50 ज्वालामुखी गतिविधियां दर्ज की गईं। इसके बाद राख का मशरूम आकार का बादल 90 से 150 किलोमीटर दूर शहरों से दिखाई दिया। अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।
प्रशासन ने निवासियों को भारी बारिश के कारण ज्वालामुखी से निकलने वाली नदियों में लावा प्रवाह के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी दी है। नवंबर में हुए इस ज्वालामुखी के विस्फोट में नौ लोगों की मौत हुई थी और दर्जनों लोग घायल हुए थे।
1,584 मीटर ऊंचा है ज्वालामुखी
1,584 मीटर ऊंचा यह ज्वालामुखी फ्लोरेस तिमुर जिले में माउंट लेवोटोबी पेरेम्पुआन के साथ एक जुड़वां ज्वालामुखी है। गौरतलब है कि इंडोनेशिया एक द्वीपसमूह है, इसकी आबादी लगभग 27 करोड़ है। यहां लगातार भूकंपीय गतिविधियां होती हैं। यहां 120 सक्रिय ज्वालामुखी हैं।