नई ड्रग थेरेपी को राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं देखभाल उत्कृष्ता संस्थान (एनआईसीई) की ओर से मंजूरी दी गई है। अध्ययनों से पता चलता है कि यह उपचार कीमोथेरेपी के दुष्प्रभावों को कम करता है और उपचार के लिए बच्चों की प्रतिक्रिया दर में सुधार करता है।
ब्रिटेन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) ने बुधवार को ब्रेन ट्यूमर वाले बच्चों और युवाओं के लिए अस्पताल के बजाय घर पर उपचार को मंजूरी दी है। इससे रोग के बढ़ने की गति को धीमा किया जा सकेगा।
विज्ञापन
नई ड्रग थेरेपी को राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं देखभाल उत्कृष्ता संस्थान (एनआईसीई) की ओर से मंजूरी दी गई है। अध्ययनों से पता चलता है कि यह उपचार कीमोथेरेपी के दुष्प्रभावों को कम करता है और उपचार के लिए बच्चों की प्रतिक्रिया दर में सुधार करता है। यह बीमारी के अधिक बढ़ने की स्थिति में बच्चों और युवाओं के जीवित रहने के समय में सुधार करता है।
डाब्राफेनिब और ट्रामेटिनिब के संयोजन का इस्तेमाल अब जेनेटिक म्यूटेशन (V600E) के साथ निम्न श्रेणी या उच्च श्रेणी ग्लियोमा वाले एक साल के अधिक आयु वर्ग के लिए रोगियों के लिए किया जा सकेगा।
विज्ञापन
उच्च श्रेणी के ग्लियोमा के कारण अपने आठ साल के बेटे राज को खोने वाली भारतीय मूल की एक महिला सुकी संधू ने एनएचएस के फैसले का स्वागत किया है। संधू ने कहा, कई साल पहले मुझे अपने बेटे के लिए कीमोथेरेपी उपचार रोकना पड़ा क्योंकि वह इस उपचार के बाद भयानक दुष्प्रभावों से पीड़ित था। यह मेरे द्वारा लिए गए सबसे कठिन फैसलों में से एक था। उन्होंने कहा, हमें ब्रेन ट्यूमर वाले लोगों के लिए दवाओं और नए उपचारों की जरूरत है। मुझे उम्मीद है कि अन्य परिवार इन दवाओं तक पहुंच हासिल करेंगे और लंबे मय तक रोग से मुक्त रहेंगे और अच्छी गुणवत्ता वाला जीवन जीएंगे।
ग्लियोमा मष्तिष्क या रीढ़ की हड्डी में बढ़ता है और निम्न-श्रेणी का हो सकता है। मष्तिष्क या रीढ़ की हड्डी में ट्यूमर धीरे-धीरे उच्च श्रेणी के होते हैं, जहां वे और अधिक तेजी से बढ़ते हैं और जानलेवा हो जाते हैं। ब्रिटेन में हर साल करीब डेढ़ सौ बच्चों में निम्न श्रेणी के ग्लियोमा का निदान किया जाता है और करीब 30 फीसदी में उच्च श्रेणी के ग्लियोमा का उपचार किया जाता है।