ट्रंप प्रशासन अगर यह अनुदान रोकता है तो इससे स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग और कमजोर होगा। पहले ही यह विभाग कर्मचारियों की बड़े पैमाने पर छंटनी और फंड की कमी से जूझ रहा है। इसके चलते विभाग ने एक माह पहले ही अपने पांच क्षेत्रीय कार्यालय बंद कर दिए हैं और सैंकड़ों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है।
अमेरिका का ट्रंप प्रशासन लगातार संघीय बजट को कम करने की कोशिशों में जुटा है। इसके तहत कई एजेंसियां और विभाग बंद किए जा रहे हैं। अब ट्रंप प्रशासन बच्चों के कल्याण कार्यक्रमों के लिए होने वाले शोध के लिए दिए जाने वाले अनुदान को समाप्त करने की योजना बना रहा है। गलती से भेजे गए एक ईमेल से यह खुलासा हुआ है। जिसके बाद ट्रंप प्रशासन लोगों के निशाने पर आ गया है।
विज्ञापन
बाल विकास संबंधी कार्यक्रमों के अनुदान पर रोक लगाने की तैयारी
गौरतलब है कि कई विश्वविद्यालय देश में चल रहे बाल कल्याण कार्यक्रमों जैसे हेड स्टार्ट आदि को बेहतर बनाने के लिए शोध करते हैं। ट्रंप प्रशासन अब इन विश्वविद्यालयों को दिए जाने वाले अनुदान को ही समाप्त करने पर विचार कर रहा है। लीक हुए ईमेल के अनुसार, अमेरिका के स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग के तहत आने वाले 150 से ज्यादा शोध कार्यक्रमों को बंद किया जा सकता है। अमेरिका के योजना, शोध और समीक्षा कार्यालय द्वारा कम आय वर्ग से आने वाले बच्चों की मदद, बाल विकास, प्रताड़ना रोकने के लिए यह अनुदान दिया जाता है।
पहले ही फंड की कमी से जूझ रहा विभाग
ट्रंप प्रशासन अगर यह अनुदान रोकता है तो इससे स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग और कमजोर होगा। पहले ही यह विभाग कर्मचारियों की बड़े पैमाने पर छंटनी और फंड की कमी से जूझ रहा है। इसके चलते विभाग ने एक माह पहले ही अपने पांच क्षेत्रीय कार्यालय बंद कर दिए हैं और सैंकड़ों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। हेड स्टार्ट कार्यक्रम के तहत भी सरकार ने बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की है। लीक हुए ईमेल से यह भी पता चला है कि सरकार अश्वेत और हिस्पैनिक समुदाय के कम आय वर्ग वाले परिवारों को दिए जाने वाले अनुदान को भी खत्म करने पर विचार कर रही है।
गलती से भेजे ईमेल से हुआ खुलासा
बच्चों की देखभाल की नीति, बाल विकास, अनाथालय देखभाल, बच्चों का शोषण से बचाव आदि पर अध्ययन कार्यक्रमों को सरकार बंद करने की योजना बना रही है। पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों ने इसकी आलोचना की है और कहा है कि ये अध्ययन बेहतर नीति बनाने में मदद करते हैं। गौरतलब है कि स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग के एक कर्मचारी ने अनुदान पाने वाले विश्वविद्यालयों को एक ईमेल भेजा गया था, जिसमें विश्वविद्यालयों से अपने संपर्क नंबर और अन्य जानकारी को अपडेट करने को कहा गया है। इसी ईमेल के साथ गलती से एक अन्य ईमेल भी शामिल था, जिसमें अनुदान रोकने की जानकारी दी हुई थी।