बांग्लादेश में बच्चों को अगवा करने की अफवाहों के चलते भीड़ हिंसा बढ़ती जा रही है। जिसमें बीते दो हफ्तों में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई है। जिसके बाद अधिकारी चेते हैं और अब देशभर में ऐसे हमलों के खिलाफ अलर्ट जारी किया गया है।
इस तरह की अफवाहें करीब दो हफ्ते पहले सोशल मीडिया पर फैली थीं। इसमें कहा गया कि तीन बिलियन डॉलर के प्रोजेक्ट के लिए मनुष्यों के सिरों की जरूरत है। जिसके लिए बच्चों का अपहरण किया जा रहा है और उनकी हत्या की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस पोस्ट के बाद गुस्साई भीड़ ने देशभर में तीस लोगों पर हमला कर दिया, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई और 22 लोग घायल हो गए।
मृतकों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। इनमें से एक 42 वर्षीय तस्लीमा बेगम भी हैं। जो दो बच्चों की मां थीं। उनकी गुस्साई भीड़ ने पीट-पीटकर 20 जुलाई को हत्या कर दी। उनपर आरोप लगाया गया कि वह बच्चों का अपहरण करने वाली हैं। इस घटना के बाद से देशभर में गुस्सा है। तस्लीमा की मौत हो गई बिना उनके ये जाने कि उन्हें क्यों मारा गया। उनकी चार साल की बेटी अब भी ये समझ नहीं पा रही है कि उसकी मां की मौत हो गई है।
जानकारी के मुताबित तस्लीमा राजधानी ढाका में अपनी बेटी के दाखिले के लिए स्कूल गई थीं। लेकिन लोगों ने उन्हें बच्चों का अपहरण करने वाली समझ लिया और उनपर हमला कर दिया। आसपास खड़े लोगों ने उन्हें बचाने की बजाय फोन में वीडियो बनाना शुरू कर दिया। ये वीडियो कुछ ही समय बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं।
जांचकर्ताओं का कहना है कि स्कूल के अधिकारियों ने बड़ी मुश्किल से तस्लीमा को भीड़ के चंगुल से बचाया और उन्हें एक कमरे में बिठाया। इसके बाद उन्होंने पुलिस को घटना की सूचना दी। लेकिन भीड़ यहीं नहीं थमी और कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर आ गई। पुलिस के आने से पहले ही तस्लीमा की भीड़ ने जान ले ली।
पुलिस ने मामले में अभी तक छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना का मुख्य आरोपी 19 साल के इनराहिम रिडॉय को बताया जा रहा है। जो शहर में सब्जी बेचता है। वह वीडियो में तस्लीमा को पीटते हुए दिख रहा है।