यह पहली बार नहीं है जब फतह अल-सीसी ने डोनाल्ड ट्रंप से इस तरह की अपील की है। इससे पहले अक्टूबर 2025 में, जब इस्राइल और फलस्तीनी उग्रवादी समूह हमास के बीच शांति वार्ता चल रही थी, तब भी उन्होंने ऐसा ही आग्रह किया था।
पश्चिम एशिया में छिड़े ईरान युद्ध को लेकर मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी ने सोमवार को बड़ा बयान दिया। उन्होंने अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच अपने अमेरिकी समकक्ष डोनाल्ड ट्रंप से युद्ध खत्म करने में मदद करने की अपील की। फलह अल-सीसी ने कहा कि केवल ट्रंप ही इस युद्ध को रोक सकते हैं।
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साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए मिस्र के राष्ट्रपति ने कहा, "मैं राष्ट्रपति ट्रंप से कहता हूं, हमारे क्षेत्र, खाड़ी में युद्ध को कोई नहीं रोक पाएगा। कृपया युद्ध को रोकने में हमारी मदद करें। आप इसमें सक्षम हैं।" उन्होंने कहा कि वह मानवता और शांति प्रेमियों की ओर से बोल रहे हैं और राष्ट्रपति ट्रंप भी उनमें से एक हैं।
मध्यस्थता की कोशिश में जुटा मिस्र
पाकिस्तान और तुर्किये के साथ अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता करने वाले देशों में मिस्र भी शामिल है। पाकिस्तान में रविवार को हुई मुस्लिम-बहुल देशों के विदेश मंत्रियों की बातचीत में मिस्र ने भी हिस्सा लिया था। सीसी ने आगे कहा कि युद्धों के नतीजे हमेशा नुकसान, विनाश और क्षति होते हैं। उन्होंने कहा कि इसमें कोई भी विजेता बनकर नहीं निकलता।
ट्रंप की ईरान को चेतावनी
फलह अल-सीसी की यह अपील अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को खार्ग द्वीप पर एक नए हमले की चेतावनी देने के कुछ समय बाद आई है। ट्रंप ने कहा था कि अगर जल्द ही कोई समझौता नहीं हुआ तो अमेरिकी सेना हमला करने को तैयार है।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर कहा कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत व्यपार के लिए खोला नहीं हया, तो वे ईरान के सभी बिजली उत्पादन संयंत्रों, तेल कुओं और खार्ग द्वीप को नष्ट कर देंगे। इसके बाद अमेरिका वहां नहीं ठहरेगा। उन्होंने कहा कि यह ईरान द्वारा पिछले 47 वर्षों के आतंक के शासन के दौरान मारे गए अमेरिकी सैनिकों और अन्य लोगों के प्रति बदले की कार्रवाई होगी।