मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी सोमवार को मिस्र के राष्ट्रपति चुनावों में भारी जीत की ओर बढ़ रहे हैं। मध्य पूर्व के सबसे अधिक आबादी वाले देश के नेता के रूप में तीसरा कार्यकाल हासिल कर रहे हैं।
10 से 12 दिसंबर के बीच हुई वोटों की गिनती के बाद मिस्र के राष्ट्रीय चुनाव प्राधिकरण ने कहा कि सिसी ने 89.6 फीसदी वोट जीते हैं। प्राधिकरण प्रमुख हाजेम बदावी ने कहा कि मतदान 66.8 प्रतिशत तक पहुंच गया जो कि अभूतपूर्व है।
इसके अलावा, अल जजीरा के अनुसार, 39 मिलियन से अधिक मिस्रवासियों ने पूर्व सेना प्रमुख सिसी के लिए अपने मत डाले, जिन्होंने एक दशक तक सबसे अधिक आबादी वाले अरब देश पर शासन किया है। मिस्र के पड़ोसी गाजा में इस्राइल-हमास युद्ध और देश के अब तक के सबसे खराब आर्थिक सहित कई संकटों से निपटने के बीच, सिसी ने जीत हासिल की, भले ही परिणाम पर थोड़ा संदेह था।
तीन अन्य उम्मीदवारों के खिलाफ लड़ रहे थे चुनाव
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मिस्र की चुनौतियों के बावजूद, असहमति पर एक दशक की लंबी कार्रवाई ने सिसी के प्रति किसी भी गंभीर विरोध को खत्म कर दिया है, जो 1952 के बाद से सेना के रैंकों से उभरने वाले पांचवें राष्ट्रपति हैं।
बता दें कि सिसी तीन अन्य उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव लड़ रहे थे, जिनमें से कोई भी हाई-प्रोफाइल नहीं था। हालांकि, उन्होंने यह शिकायत करते हुए अपनी दौड़ समाप्त कर दी कि उनके अभियान में बाधा डाली गई है और उनके दर्जनों समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि, पिछले दोनों चुनावों में, सिसी ने 97 प्रतिशत वोट के साथ जीत हासिल की थी।
पीएम मोदी ने दी बधाई
इधर, मिस्र के राष्ट्रपति की जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार इस पद के लिए चुने जाने पर बधाई दी है। उन्होंने अपने कहा, 'राष्ट्रपति चुनाव में जीत पर महामहिम अब्देल फतह अल-सिसी को हार्दिक बधाई। भारत-मिस्र रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के लिए आपके साथ काम करने को उत्सुक हूं.'