मिस्र की स्वेज नहर में छठे दिन भी विशालकाय कार्गो जहाज फंसा हुआ है। जहाज को निकालने और वैश्विक परिवहन व व्यापार के लिए इस सबसे अहम जलमार्ग को जाम मुक्त करने की कोशिश लगातार जारी है। रविवार को इसके लिए दो अतिरिक्त टग बोट (जहाजों को खींचने वाली ताकतवर नाव) लगाई गईं।
हालांकि माल ढुलाई करने वाली ज्यादातर प्रमुख कंपनियों ने स्वेज नहर का रास्ता साफ होने में लंबा समय लगने का अनुमान लगाया है और अपने जहाजों को दूसरे रास्तों से भेजने की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
पनामा के ध्वज वाला जापानी स्वामित्व वाला जहाज एवर गिवन मंगलवार को तेज हवाओं के कारण संतुलन खोकर इस नहर में फंस गया था। इस करीब 400 मीटर लंबे जहाज पर चालक दल के ज्यादातर कर्मचारी भारतीय मूल के हैं।
इसके बाद से जहाज को हटाने के प्रयास विफल रहे हैं, जिसके कारण रोजाना करीब 9 अरब डॉलर के व्यापार को नुकसान पहुंच रहा है, जिसका असर पहले ही कोरोना वायरस महामारी की मार झेल रहे वैश्विक ढुलाई नेटवर्क पर पड़ा है।
एवर गिवन जहाज की संचालक कंपनी ने रविवार को कहा कि जहाज को निकालने के लिए नीदरलैंड्स के ध्वज वाली टगबोट एल्प गार्ड और इटली के ध्वज वाली कार्लो माग्नो को बुलाया गया है।
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दोनों टगबोट पहले से जहाज निकालने का प्रयास कर रहीं टगबोटों की मदद करेंगी। सैटेलाइट डाटा के हिसाब से दोनों टगबोट रविवार सुबह लाल समुद्र में स्वेज शहर के करीब पहुंच गई थीं। कंपनी ने कहा, ये टगबोट एवर गिवन जहाज को खींचेंगी ताकि उसके नीचे से रेत हटाकर बनाई जा रही खाली जगह के कारण वह खिसककर चलने लगे।
जहाज के मालिकाना हक वाली कंपनी शोइ किसेन ने शनिवार को कहा था कि अगर जहाज को बाहर निकालने के प्रयास विफल हो जाते हैं तो वह उसके कंटेनरों को हटाने पर विचार करेगी। हालांकि इसे बेहद कठिन प्रयास माना जा रहा है, क्योंकि जहाज पर 20 हजार से ज्यादा कंटेनर बताए जा रहे हैं। ऐसे में रविवार की रात बेहद अहम मानी जा रही है।
इससे पहले शनिवार को स्वेज नहर प्राधिकरण के प्रमुख ने लेफ्टिनेंट जनरल ओसामा राबेई ने कहा था कि जहाज एवर गिवन के नहर में फंसने की ‘एकमात्र वजह तेज हवा नहीं है’ बल्कि यह किसी मानवीय या तकनीकी खामी के कारण भी हो सकता है। उन्होंने कहा था कि इसकी जांच की जा रही है।