प्रदर्शनकारी सरकार के उस फैसले का विरोध कर रहे हैं, जिसमें डीजल सब्सिडी को सरकार ने घटाकर कम कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार के इस फैसले से छोटे किसान और मूल नागरिक समाज के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।
इक्वाडोर के राष्ट्रपति डेनियल नोबोआ पर जानलेवा हमला हुआ है। दरअसल करीब 500 प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति नोबोआ के काफिले पर हमला किया और पत्थर मारे। गनीमत रही कि इस हमले में राष्ट्रपति नोबोआ को चोट नहीं पहुंची और वे सुरक्षित हैं। इक्वाडोर सरकार के मंत्री इनेस मानजानो ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि राष्ट्रपति पर हमले की रिपोर्ट दर्ज की गई है। जानलेवा हमले की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि कार पर गोलियां चलने का पता चला है। फिलहाल पुलिस ने पांच आरोपियों को हिरासत में लिया है।
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आरोपियों के खिलाफ आतंकवाद की धाराओं में दर्ज किया गया मामला
राष्ट्रपति कार्यालय की तरफ से बताया गया है कि सभी आरोपियों के खिलाफ आतंकवाद और जान लेने की साजिश रचने के आरोप लगेंगे। राष्ट्रपति नोबोआ पर हमला राष्ट्रीय मूल नागरिक संघ के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुआ। यह संघ बीते दो हफ्ते से विरोध प्रदर्शन कर रहा है। प्रदर्शनकारी सरकार के उस फैसले का विरोध कर रहे हैं, जिसमें डीजल सब्सिडी को सरकार ने घटाकर कम कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार के इस फैसले से छोटे किसान और मूल नागरिक समाज के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। संघ के एक विरोध प्रदर्शन के दौरान ही राष्ट्रपति नोबोआ के काफिले पर हमला हुआ।
राष्ट्रपति की लोगों से अपील- हिंसा में शामिल न हों
जिस जगह राष्ट्रपति डेनियल नोबोआ के काफिले पर हमला हुआ, उसी दिन वहां से 77 किलोमीटर दूर राष्ट्रपति नोबोआ ने छात्रों के एक कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने लोगों से हिंसक घटनाओं में शामिल न होने की अपील की। अपने ऊपर हुए हमले को लेकर उन्होंने कहा कि नए इक्वाडोर में इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हर किसी को कानून का सामना करना पड़ेगा।