बांग्लादेश चुनाव आयुक्त (सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर जनरल) अबुल फजल मोहम्मद सानाउल्लाह ने आपात बैठक के बाद कहा कि 'गुप्त हमलों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, इसलिए हम पूरी तरह सतर्क हैं।' हालांकि उन्होंने साफ किया कि चुनाव तय समय पर ही होंगे और किसी भी तरह की रुकावट को नाकाम किया जाएगा।
बांग्लादेश में अगले साल फरवरी महीने में होने वाले आम चुनाव से पहले हालात तनावपूर्ण होते दिख रहे हैं। इसी बीच चुनाव आयोग (ईसी) ने पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के आदेश दिए हैं। आयोग को आशंका है कि चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने के लिए गुप्त और सुनियोजित हमले किए जा सकते हैं।
उस्मान हादी पर किया गया हमला
यह कदम उस घटना के बाद उठाया गया है, जिसमें छात्र आंदोलन से जुड़े नेता और कट्टर दक्षिणपंथी सांस्कृतिक संगठन 'इंकिलाब मंच' के प्रमुख शरीफ उस्मान हादी को राजधानी ढाका में चुनाव प्रचार के दौरान सिर में गोली मार दी गई। यह हमला चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के ठीक एक दिन बाद हुआ। मतदान 12 फरवरी को होना है। हादी की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।
विज्ञापन
सरकार ने शुरू किया 'ऑपरेशन डेविल हंट-2'
अंतरिम सरकार ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए एयर एम्बुलेंस से सिंगापुर भेजा है। सरकार ने आरोपियों की गिरफ्तारी में मदद करने वालों के लिए 50 लाख टका इनाम की घोषणा की है। रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) ने मुख्य आरोपी की पत्नी, साले और एक महिला मित्र को गिरफ्तार किया है। इस बीच सरकार ने 'ऑपरेशन डेविल हंट-2' के तहत देशभर में सुरक्षा अभियान शुरू किया है। चुनाव उम्मीदवारों और अहम राजनीतिक हस्तियों को अस्थायी हथियार लाइसेंस देने और सशस्त्र सुरक्षा कर्मी रखने की अनुमति भी दी गई है।
हसीना सरकार के पतन के बाद पहला चुनाव
हालांकि मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन ने कानून-व्यवस्था के पूरी तरह बिगड़ने से इनकार करते हुए इन घटनाओं को छिटपुट बताया है। गौरतलब है कि यह चुनाव पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के अगस्त में हटने के बाद पहला आम चुनाव होगा। बदले राजनीतिक माहौल में बीएनपी को मजबूत दावेदार माना जा रहा है, जबकि जमात-ए-इस्लामी उसकी प्रमुख प्रतिद्वंद्वी है।